त्योहारों से पहले फर्रुखाबाद में मिलावटखोरों पर शिकंजे की तैयारी: 483 निरीक्षण, 56 नमूने लिए गए; मिठाई के डिब्बों पर वैधता तिथि जरूरी

त्योहारी सीजन में मिठाई, खोया, पनीर, दूध और घी समेत खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्ती की तैयारी की है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों को नियमित छापेमारी कर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

483 निरीक्षणों में 56 नमूने एकत्र, छापेमारी की 53 कार्रवाई

कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें विभागीय कार्यों, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट पर नियंत्रण के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा हुई।बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक विभागीय अधिकारियों ने कुल 483 निरीक्षण किए हैं। इस दौरान मिलावट और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए छापेमारी की 53 कार्रवाई करते हुए 56 नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों के माध्यम से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की जा रही है।

मिठाई, खोया और पनीर की दुकानों पर विशेष नजर

जिलाधिकारी ने आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने और अधिक से अधिक प्रभावी छापेमारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिठाई, खोया, पनीर, दूध, घी, खाद्य तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाए किसी खाद्य पदार्थ के निर्माण, भंडारण या बिक्री में गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तत्काल जांच की जाए। जांच में मिलावट या अन्य अनियमितता सामने आने पर संबंधित प्रतिष्ठान और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मिठाई के डिब्बों पर वैधता तिथि को लेकर सख्ती

बैठक में मिठाई की बिक्री के दौरान उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिष्ठान विक्रेताओं को मिठाई के डिब्बों और बॉक्स पर वैधता तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने के संबंध में लागू नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।उन्होंने कहा कि विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों और उपभोक्ता हितों के प्रति जागरूक किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि ग्राहकों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके उपयोग की अवधि के बारे में जरूरी जानकारी मिल सके।

त्योहारों में उपभोक्ताओं की सेहत से समझौता नहीं

जिलाधिकारी ने कहा कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से उनकी गुणवत्ता पर निगरानी रखना और भी जरूरी हो जाता है। अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने, नियमित निरीक्षण करने और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता जिले के लोगों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने को कहा गया।

Anuj Singh
Anuj Singh

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