
कन्नौज। जिले के छिबरामऊ क्षेत्र में करीब 27 साल पुराने किसान की हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए भाई-बहन को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 10,500-10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उन्हें एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में आरोपित माता-पिता की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी।
खेत की मेड़ बनी विवाद की वजह
मामला छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के रामपुर गांव का है। उपलब्ध समाचार विवरण के अनुसार, गांव निवासी रामजीत शाक्य और सोनेलाल के बीच खेत की मेड़ काटने को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप था कि सोनेलाल अक्सर रामजीत के खेत की मेड़ काट देता था। विरोध किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ गई थी।
बाजार से लौटते समय किसान को घेरा
घटना 13 दिसंबर 1998 की शाम की बताई गई है। रामजीत शाक्य अपने बेटे प्रेमचंद्र के साथ बाजार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान आरोप के मुताबिक, सोनेलाल ने अपनी पत्नी सुरजा देवी, बेटे हरिश्याम और बेटी नन्हीं देवी के साथ रामजीत को उनके घर के बाहर घेर लिया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई।
नलकूप के कुएं में फेंकने से हुई थी मौत
समाचार विवरण के अनुसार, पिता को पिटते देख प्रेमचंद्र ने शोर मचाया। आरोप था कि इसके बाद रामजीत को मारपीट करते हुए पास स्थित नलकूप तक ले जाया गया और मोटर लगे कुएं में फेंक दिया गया। कुएं में लगी मोटर से टकराने के कारण रामजीत की मौत हो गई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना के बाद पुलिस ने कुएं से शव निकलवाया और प्रेमचंद्र की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
सुनवाई के दौरान दो आरोपितों की मौत
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सोनेलाल और उसकी पत्नी सुरजा देवी की मृत्यु हो गई। इसके बाद मामले में उनके बेटे हरिश्याम और बेटी नन्हीं देवी के खिलाफ सुनवाई जारी रही। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।
विशेष न्यायाधीश ने सुनाई सजा
शासकीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पांडेय के अनुसार, विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ममता सिंह की अदालत ने हरिश्याम और नन्हीं देवी को 10-10 साल के कारावास से दंडित किया है। दोनों पर 10,500-10,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।






