
संवाद 24 फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ में दशहरा पर्व पर राम-रावण युद्ध का पारंपरिक आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। म्युनिसिपल तिराहे से शुरू हुआ युद्ध का दृश्य कानपुर रोड और फतेहगढ़ चौराहे से होते हुए मिलिट्री के रमन स्टेडियम पहुंचा। पूरे मार्ग पर दर्शकों की भारी भीड़ जुटी रही और लगातार गूंजते “जय श्रीराम” के उद्घोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।
श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रविश द्विवेदी के घर के सामने से राम-रावण युद्ध का मंचन शुरू हुआ। इसके बाद आयोजन शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रमन स्टेडियम पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने युद्ध के दृश्यों का आनंद लिया। आम नागरिकों के साथ सैन्य जवानों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी रही।
अधिकारियों ने देखा राम-रावण युद्ध का मंचन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर मनीष जैन, एसडीएम दीपक माथुर और नायब तहसीलदार हरदीप सिंह मौजूद रहे। अतिथियों ने राम-रावण युद्ध के दृश्यों को देखा। मेले में उमड़ी भीड़ को व्यवस्थित रखने और सुरक्षा बनाए रखने में सैन्य जवानों तथा पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सोने की लंका की आतिशबाजी ने खींचा ध्यान
युद्ध के प्रसंग के बाद सोने की लंका के रूप में तैयार की गई आतिशबाजी जलाई गई। इसके बाद कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। अंत में भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर रावण के पुतले का दहन किया। पुतलों के साथ हुई आतिशबाजी के रंगीन नजारों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और मैदान तालियों व जयकारों से गूंज उठा।
कमेटी पदाधिकारियों ने दी पर्व की शुभकामनाएं
इस अवसर पर ब्रिगेडियर मनीष जैन और श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रविश द्विवेदी ने लोगों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कमेटी के महामंत्री पंकज अग्रवाल, कोषाध्यक्ष चमन टंडन, संरक्षक मुन्ना लाल वार्ष्णेय और रविंद्र वैश्य, मेला प्रभारी श्रवण कुमार चक तथा फतेहगढ़ दरगाह के सूफी संत पप्पन मियां सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सैन्य जवानों तथा पुलिस बल की तैनाती की गई थी।






