
संवाद 24 फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ में गमा देवी मंदिर से सोमवार को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती इस यात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, बच्चे और स्थानीय लोग उमड़ पड़े। आकर्षक सजावट और धार्मिक प्रसंगों पर आधारित 22 झांकियां शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहीं। पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह, भक्ति और आस्था का माहौल दिखाई दिया।
शोभायात्रा गमा देवी मंदिर से शुरू होकर पीडब्ल्यूडी चौराहा, कानपुर रोड, फतेहगढ़ कोतवाली, कचहरी तिराहा, छोटी जेल और नवदिया समेत शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। यात्रा के आगे श्रद्धालु धार्मिक जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, जबकि पीछे झांकियों का काफिला लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन किए और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। झांकियों को देखने के लिए उमड़ी भीड़ से शहर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
यमराज, हनुमान जी और वनमानुष की झांकियां बनीं आकर्षण
शोभायात्रा में शामिल यमराज की सवारी, हनुमान जी और वनमानुष की झांकियों ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। इन झांकियों को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ जमा रही। बच्चों में झांकियों को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की सजीव और आकर्षक प्रस्तुतियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों में धार्मिक कथाओं और देवी-देवताओं से जुड़े प्रसंगों को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया था। कुल 22 झांकियों ने यात्रा को भव्य रूप दिया और पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
आयोजन की व्यवस्था में जुटे रहे लोग
झांकियों की व्यवस्था और निर्माण में राजू मंसूरी, अंकित राठौर, महेंद्र राठौर, अंबरीश चौरसिया और घनश्याम तिवारी सहित अन्य लोगों का योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि शोभायात्रा की तैयारियों में कई दिनों से कार्यकर्ता जुटे हुए थे। झांकियों की सजावट, मार्ग व्यवस्था और आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में सभी सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने शोभायात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
शहर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करने के बाद शोभायात्रा वापस गमा देवी मंदिर पहुंची, जहां विधिवत रूप से इसका समापन हुआ। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक उल्लास, भक्तिमय वातावरण और आकर्षक झांकियों के चलते यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।






