
संवाद 24 डेस्क। भटूरा भारतीय खानपान की उन लोकप्रिय चीजों में शामिल है, जिसका नाम सुनते ही छोले-भटूरे की स्वादिष्ट प्लेट आंखों के सामने आ जाती है। आमतौर पर भटूरे को मैदा, दही और खमीर उठाने वाली सामग्री की सहायता से तैयार किया जाता है, लेकिन इसमें बारीक कद्दूकस की हुई या पीसी हुई सब्जियों को मिलाकर इसका एक अलग स्वाद और रंग विकसित किया जा सकता है। वेज भटूरे इसी प्रयोग का स्वादिष्ट रूप हैं। इसमें आटे के साथ पालक, गाजर, चुकंदर, उबले आलू या अन्य उपयुक्त सब्जियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सब्जियां भटूरे को केवल रंग और स्वाद ही नहीं देतीं, बल्कि आटे की नमी और बनावट को भी प्रभावित करती हैं। यही कारण है कि वेज भटूरे बनाते समय सामग्री का संतुलन और आटे की सही स्थिरता विशेष महत्व रखती है।
सबसे पहले जानिए संपूर्ण सामग्री
वेज भटूरे बनाने के लिए ऐसी सामग्री चुनना बेहतर रहता है जो आटे को नरम रखने के साथ स्वाद में भी संतुलन बनाए। लगभग 8 से 10 मध्यम आकार के भटूरे बनाने के लिए सामग्री इस प्रकार है।
सामग्री
- मैदा – 3 कप
- सूजी – 2 बड़े चम्मच
- गाढ़ा दही – ½ कप
- उबला हुआ आलू – 1 मध्यम आकार का
- बारीक कटी या पीसी हुई पालक – ½ कप
- बारीक कद्दूकस की हुई गाजर – ¼ कप
- बारीक कद्दूकस किया हुआ चुकंदर – 2 बड़े चम्मच
- चीनी – 1 छोटा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- बेकिंग पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- बेकिंग सोडा – ¼ छोटा चम्मच
- तेल – 1 बड़ा चम्मच, आटे में डालने के लिए
- गुनगुना पानी – आवश्यकता अनुसार
- तलने के लिए तेल – पर्याप्त मात्रा में
यहां सब्जियों का चुनाव स्वाद और उपलब्धता के अनुसार बदला जा सकता है। यदि हल्के रंग और सौम्य स्वाद वाले भटूरे पसंद हों तो पालक और गाजर पर्याप्त हैं। चुकंदर डालने पर भटूरे का रंग अधिक आकर्षक हो जाता है। हालांकि चुकंदर की मात्रा बहुत अधिक रखने से उसका स्वाद अन्य सामग्री पर हावी हो सकता है।
सब्जियों की तैयारी में छिपा है स्वाद का राज
वेज भटूरे की सफलता काफी हद तक सब्जियों की तैयारी पर निर्भर करती है। पालक का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे अच्छी तरह धोकर कुछ देर पानी निकालने के लिए रख दें। इसके बाद बारीक काटकर हल्का पीस सकते हैं। गाजर और चुकंदर को बारीक कद्दूकस करना बेहतर रहता है। यदि इनमें पानी की मात्रा अधिक हो तो अतिरिक्त पानी हल्के हाथ से निकाल दें।
उबले आलू को अच्छी तरह मैश कर लें। आलू आटे को बांधने और भटूरे को अपेक्षाकृत मुलायम बनाने में सहायता करता है। ध्यान रखें कि आलू में बड़े टुकड़े न रहें, क्योंकि इससे बेलते समय आटा असमान हो सकता है और तलते समय भटूरे का आकार प्रभावित हो सकता है।
आटा गूंथने का तरीका तय करेगा भटूरे की नरमी
एक बड़े बर्तन में मैदा, सूजी, नमक, चीनी, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा डालें। इसके बाद मैश किया हुआ आलू, पालक, गाजर और चुकंदर मिलाएं। अब इसमें दही और एक बड़ा चम्मच तेल डालकर सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं।
इसके बाद थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए आटा गूंथना शुरू करें। पानी एक साथ अधिक मात्रा में न डालें, क्योंकि सब्जियों और दही में पहले से ही नमी मौजूद होती है। आटा न बहुत सख्त होना चाहिए और न ही इतना ढीला कि उसे बेलना मुश्किल हो जाए। मुलायम और लचीला आटा भटूरे के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
सिर्फ गूंथना काफी नहीं, आटे को आराम भी चाहिए
आटा तैयार होने के बाद उसके ऊपर हल्का तेल लगाकर उसे ढक दें। इसे कम से कम 1 से 2 घंटे के लिए किसी सामान्य तापमान वाली जगह पर रख दें। इस दौरान आटा आराम करता है और उसकी बनावट अधिक लचीली हो जाती है। भटूरे को अच्छी तरह फूलने में आटे की यह अवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बहुत ठंडे मौसम में आटे को थोड़ा अधिक समय लग सकता है, जबकि गर्म मौसम में यह अपेक्षाकृत जल्दी तैयार हो सकता है। इसलिए केवल घड़ी देखने के बजाय आटे की बनावट पर ध्यान देना उपयोगी है।
अब शुरू होगी भटूरे को आकार देने की तैयारी
आराम दिए हुए आटे को हल्के हाथ से एक बार फिर गूंथ लें। इसके बाद समान आकार की लोइयां बना लें। प्रत्येक लोई पर हल्का तेल लगाएं। भटूरे को बेलने के लिए सूखे आटे के बजाय थोड़ा तेल इस्तेमाल करना अधिक सुविधाजनक रहता है। इससे सतह पर अतिरिक्त सूखा मैदा जमा नहीं होता और तलते समय तेल में जलने वाले छोटे कण कम रहते हैं।
लोई को बहुत पतला न बेलें। भटूरे की मोटाई पूरी तरह पतली पूरी जैसी नहीं होनी चाहिए। मध्यम मोटाई का भटूरा तलने के दौरान अच्छी तरह फूलने के साथ अंदर से अपेक्षाकृत नरम रहता है।
तेल का तापमान क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
भटूरे को अच्छी तरह फूलाने के लिए तेल का पर्याप्त गर्म होना जरूरी है। यदि तेल कम गर्म होगा तो भटूरा अधिक तेल सोख सकता है और भारी हो सकता है। दूसरी ओर, बहुत अधिक गर्म तेल में बाहरी सतह जल्दी रंग पकड़ सकती है, जबकि अंदर का हिस्सा अपेक्षित रूप से नहीं पक पाएगा।
इसलिए तेल को मध्यम से तेज आंच पर गर्म करें और भटूरे को सावधानी से उसमें डालें। भटूरा डालते समय तेल के छींटों से बचने के लिए हाथ को तेल के बहुत पास न ले जाएं।
भटूरे को फूलाने की सही तकनीक
बेला हुआ भटूरा गर्म तेल में डालते ही धीरे से कलछी की सहायता से उसके ऊपर गर्म तेल डालें। इससे उसका ऊपरी हिस्सा भी गर्म होता है और भटूरा फूलने लगता है। जब एक तरफ सुनहरा रंग आने लगे तो उसे पलट दें।
भटूरे को बहुत देर तक तेल में न रखें। दोनों तरफ हल्का सुनहरा रंग आने के बाद उसे निकाल लें। तैयार भटूरे को छलनी या कागज पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल सके।
रंग और स्वाद के लिए सब्जियों का चुनाव
वेज भटूरे की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग सब्जियों के माध्यम से स्वाद और रंग में विविधता लाई जा सकती है। पालक से हरा रंग, चुकंदर से गुलाबी या लालिमा लिए रंग और गाजर से हल्का नारंगी प्रभाव मिल सकता है। आलू भटूरे की बनावट को मुलायम बनाने में मदद करता है।
हालांकि सब्जियों की मात्रा बहुत अधिक नहीं रखनी चाहिए। अत्यधिक सब्जियां आटे में नमी बढ़ा सकती हैं, जिससे लोई चिपचिपी हो सकती है और भटूरे को बेलना मुश्किल हो सकता है। इसलिए शुरुआत में कम मात्रा से प्रयोग करना बेहतर रहता है।
मुलायम और फूले हुए भटूरे के लिए जरूरी सावधानियां
वेज भटूरे बनाते समय कुछ छोटी गलतियां पूरी मेहनत का परिणाम बदल सकती हैं। सबसे पहले, आटा बहुत सख्त न गूंथें। दूसरा, सब्जियों में मौजूद पानी का ध्यान रखें। तीसरा, आटे को पर्याप्त समय दें। चौथा, भटूरे को बहुत पतला न बेलें। पांचवां, तलने के लिए तेल का तापमान संतुलित रखें।
इसके अलावा, यदि भटूरे बेलते समय बार-बार सिकुड़ रहे हों तो उन्हें कुछ मिनट और आराम देने से मदद मिल सकती है। ऐसा अक्सर तब होता है जब आटे में मौजूद ग्लूटेन पूरी तरह रिलैक्स नहीं हुआ हो।
किसके साथ परोसें वेज भटूरे?
वेज भटूरे का सबसे लोकप्रिय साथी छोले हैं। मसालेदार छोले और नरम भटूरे का मेल भारतीय भोजन की बेहद पसंद की जाने वाली जोड़ी है। इसके साथ प्याज के छल्ले, हरी चटनी, अचार और दही भी परोसे जा सकते हैं।
यदि भटूरे में चुकंदर या पालक का इस्तेमाल किया गया है तो साधारण दही या हल्के मसालों वाला रायता इसके स्वाद को संतुलित कर सकता है। भोजन को अधिक आकर्षक बनाने के लिए ऊपर से थोड़ी हरी धनिया सजावट के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है।
स्वाद के साथ संतुलन भी जरूरी
वेज भटूरे में सब्जियों का इस्तेमाल इसे पारंपरिक भटूरे से अलग बनाता है, लेकिन इसे संतुलित भोजन का विकल्प मानना उचित नहीं होगा। भटूरे सामान्यतः मैदा और तेल से तैयार किए जाते हैं, इसलिए इन्हें मात्रा का ध्यान रखते हुए भोजन का हिस्सा बनाना बेहतर है। साथ में दही, सलाद या सब्जियों से तैयार व्यंजन शामिल करने से भोजन में विविधता बढ़ाई जा सकती है।
घर पर बनाए गए भटूरे में तेल की मात्रा और सामग्री का नियंत्रण संभव होता है, इसलिए स्वाद के साथ-साथ तैयारी की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जा सकता है।
वेज भटूरे की असली पहचान क्या है?
एक अच्छे वेज भटूरे की पहचान केवल उसके फूलने से नहीं होती। उसका बाहरी हिस्सा हल्का सुनहरा और अच्छी तरह पका हुआ होना चाहिए, जबकि अंदर का हिस्सा नरम और अपेक्षाकृत हल्का रहना चाहिए। सब्जियों का स्वाद इतना संतुलित होना चाहिए कि वे भटूरे के मूल स्वाद को ढकें नहीं, बल्कि उसमें एक नया स्वाद जोड़ें।
यही संतुलन वेज भटूरे को सामान्य भटूरे से अलग पहचान देता है। सही आटा, पर्याप्त विश्राम, उचित मोटाई और नियंत्रित तापमान—इन चार बातों पर ध्यान दिया जाए तो घर पर भी स्वादिष्ट और आकर्षक वेज भटूरे तैयार किए जा सकते हैं।
आखिर में एक छोटी-सी बात, जो पूरी रेसिपी बदल सकती है
भटूरे बनाने में सामग्री जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण है उसकी प्रक्रिया। सब्जियों को सही मात्रा में मिलाना, पानी को नियंत्रित करना, आटे को पर्याप्त आराम देना और तेल के तापमान को संतुलित रखना—ये छोटे कदम अंतिम परिणाम में बड़ा अंतर पैदा करते हैं। पालक, गाजर, चुकंदर और आलू जैसे विकल्पों के साथ तैयार किया गया वेज भटूरा पारंपरिक स्वाद में रंग, सुगंध और अलग बनावट जोड़ सकता है।
इस तरह वेज भटूरे केवल एक तली हुई रोटी नहीं रह जाते, बल्कि पारंपरिक व्यंजन में रचनात्मक बदलाव का स्वादिष्ट उदाहरण बन जाते हैं। गर्मागर्म भटूरे जब मसालेदार छोले, ठंडे दही, अचार और ताजी सलाद के साथ परोसे जाते हैं, तो साधारण घरेलू भोजन भी खास दावत जैसा अनुभव देने लगता है।






