पंखिया गैंग के सरगना समेत छह गिरफ्तार, 10 जिलों में 86 मुकदमें

संवाद 24 इटावा। इकदिल पुलिस ने चोरी और लूट की वारदातों में सक्रिय बताए जा रहे पंखिया गैंग के सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई जिलों और राजस्थान के भरतपुर में कुल 86 आपराधिक मामले दर्ज हैं। मंगलवार दोपहर एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में मामले का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य चोरी और लूट से हासिल माल को बेचने के बाद प्राप्त रकम का एक हिस्सा धार्मिक कार्यों, चढ़ावे और अपने बुजुर्ग गुरुओं को देते थे। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उनका मानना था कि ऐसा करने से अपराध का प्रभाव उन पर कम होगा। पुलिस अब इस दावे और गैंग की अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

खतरा भांपते ही खास आवाज से देते थे संकेत

एसएसपी के अनुसार, गैंग का सदस्य वसीम वारदात के दौरान बाहर खड़े रहकर आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता था। खतरा महसूस होने पर वह एक खास तरह की आवाज निकालकर अंदर मौजूद साथियों को सतर्क करता था। पुलिस के अनुसार, गैंग चोरी, नकबजनी और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल रहा है। वारदात को अंजाम देने से पहले सदस्य संबंधित इलाके की रेकी करते थे और मकान या स्थान को निशाना बनाने के बाद योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम देते थे।

किराए की कार से पहुंचते थे वारदात स्थल

पुलिस जांच के अनुसार, गैंग के सदस्य अलग-अलग जिलों में जाने के लिए किराए की कार का इस्तेमाल करते थे। किसी नए इलाके में पहुंचने के बाद पहले गांवों और मकानों की रेकी की जाती थी। टारगेट तय होने के बाद रात के समय कार से घटनास्थल के आसपास पहुंचकर कुछ सदस्यों को उतार दिया जाता था। वारदात के दौरान बाहर मौजूद साथी आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता था, जबकि अन्य सदस्य मकान में घुसकर चोरी या लूट की घटना को अंजाम देते थे। इसके बाद सभी लोग कार से वहां से निकल जाते थे।

इटावा की घटनाओं से सामने आया गैंग का नाम

इकदिल और ऊसराहार क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को इस गैंग के बारे में सुराग मिले। पुलिस के अनुसार, इकदिल क्षेत्र में मानिकपुर मोड़ के पास सात अगस्त को एक फौजी के घर हुई चोरी और ऊसराहार क्षेत्र की एक अन्य चोरी की घटना में गैंग के सदस्यों की भूमिका सामने आई। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

छह आरोपियों पर 86 मुकदमे

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में रमेश कश्यप निवासी चंदोखा, थाना दातागंज, बदायूं; मुनीष निवासी मौजमपुर, थाना हजरतपुर, बदायूं; वसीम निवासी गड़िया पैगम्बरपुर, बदायूं; मुकद्दर अली निवासी गड़िया पैगम्बरपुर; इरफान अहमद निवासी गड़िया पैगम्बरपुर और अनीस अहमद निवासी दातागंज, बदायूं शामिल हैं। एसएसपी के अनुसार, वसीम के खिलाफ 14, मुनीष के खिलाफ 19, इरफान के खिलाफ 16, मुकद्दर उर्फ पंखिया के खिलाफ 10, रमेश कश्यप के खिलाफ 26 और अनीस के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, इन मामलों को जोड़ने पर गिरफ्तार छह आरोपियों के खिलाफ कुल 86 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि गैंग ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, लखनऊ, कुशीनगर, इटावा, पीलीभीत और बदायूं के अलावा राजस्थान के भरतपुर में भी वारदातें की हैं।

तमंचे, सोना-चांदी और नकदी बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो अवैध 315 बोर तमंचे, तीन जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा 135.77 ग्राम सोना, 1 किलो 321.06 ग्राम चांदी के बिस्किट, 307.420 ग्राम चांदी के आभूषण, 32,250 रुपये नकद, एक XUV500 कार और वीवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस बरामद सामान को इटावा और अन्य जिलों में हुई घटनाओं से जोड़कर जांच कर रही है।

गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गैंग से जुड़े अन्य लोगों और दूसरे जिलों में हुई वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। अपराध से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गैंग ने किन-किन घटनाओं को अंजाम दिया और बरामद सोना-चांदी तथा अन्य सामान किन मामलों से संबंधित है। जांच आगे बढ़ने के साथ गैंग की गतिविधियों और उससे जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में और जानकारी सामने आने की संभावना है।

Samvad 24 Office
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