
कन्नौज। पंडित सुंदर लाल मेमोरियल (PSM) स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘विकसित भारत की संकल्पना 2047’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नवाचार और युवाओं की भूमिका पर चर्चा के साथ पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। महाविद्यालय का नाम उपलब्ध शैक्षणिक अभिलेखों में PSM PG College Kannauj के रूप में दर्ज है और यह छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध है।
नवाचार पर चर्चा, 165 विद्यार्थियों ने कराया पंजीकरण
कार्यक्रम के पहले सत्र में नवाचार से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान सीडीओ कार्यालय के माध्यम से स्किल इंडिया डिजिटल हब पर 165 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण कराया गया। विद्यार्थियों से नवाचार तथा उससे संबंधित केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा की गई। आयोजन का फोकस युवाओं को कौशल, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने पर रहा।
पोस्टर के जरिए विद्यार्थियों ने दिखाई कल्पनाशीलता
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 12 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने चार्ट पेपर पर अपनी कल्पना और रचनात्मकता को पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के दौरान ‘विकसित भारत’ की अवधारणा को अलग-अलग रचनात्मक माध्यमों से सामने रखने का प्रयास किया गया।
इल्मा बी प्रथम, हरिओम दूसरे और तृषा कुशवाहा तीसरे स्थान पर
पोस्टर प्रतियोगिता के परिणाम में इल्मा बी ने प्रथम, हरिओम ने द्वितीय और तृषा कुशवाहा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
प्राचार्य की अध्यक्षता में हुआ आयोजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय सिंह ने की। कार्यक्रम के संयोजक लक्ष्मी नारायण सिंह के साथ डॉ. रमेश सिंह, डॉ. संगीता पाण्डेय, पंकज राय, डॉ. पूजा त्रिपाठी, डॉ. प्रीती शर्मा, राम नारायण और अखिलेश पाण्डेय सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
युवाओं को नवाचार और कौशल से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच नवाचार, कौशल विकास और विकसित भारत की परिकल्पना को लेकर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया। एक ओर जहां डिजिटल हब के माध्यम से विद्यार्थियों का पंजीकरण कराया गया, वहीं दूसरी ओर पोस्टर प्रतियोगिता ने उन्हें अपनी रचनात्मक सोच को सामने रखने का मंच दिया।






