
तिर्वा, कन्नौज। जालौन जनपद के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की हत्या के विरोध में तिर्वा तहसील के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार दोपहर अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और घटना के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की मांग उठाई।
हत्यारों को फांसी देने की मांग, पीड़ित परिवार को मिले आर्थिक सहायता
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने मांग की कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल आरोपियों को कठोरतम दंड दिया जाए। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा दिलाने, पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई। अधिवक्ताओं का कहना था कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए बने प्रभावी कानून
प्रदर्शन के दौरान पूर्व बार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं पर आए दिन असामाजिक तत्वों द्वारा हमले किए जाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाया जाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सरकार से अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने की मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
कई अधिवक्ता रहे प्रदर्शन में शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में संजय शुक्ला, अशोक राजपूत, संजीव तिवारी, कमलेश पाल, रामगोपाल और मनोज राजपूत सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर अधिवक्ता समाज की सुरक्षा और दिवंगत अधिवक्ता के परिवार को न्याय दिलाने की आवाज उठाई।
पुलिस कार्रवाई में तीन आरोपी गिरफ्तार
गौरतलब है कि कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार का 31 अक्टूबर को अपहरण किया गया था। एक नवंबर को कानपुर के गुजैनी क्षेत्र में उनका शव बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। दो नवंबर को साक्ष्य बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी घायल भी हुए।






