
उमर्दा, कन्नौज। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में सफलता हासिल कर उमर्दा क्षेत्र के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के तीन पूर्व छात्रों ने विद्यालय, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अभय गौतम, पलक पटेल और ओम जी शुक्ला ने अलग-अलग परिस्थितियों के बीच अपनी मेहनत और लक्ष्य के बल पर मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश का रास्ता तय किया। तीनों की सफलता के बाद विद्यालय में सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं।
पलक की कहानी सबसे अलग, लेखपाल पद छोड़ा और डॉक्टर बनने की राह चुनी
कस्बे के मंडी बाजार निवासी पलक पटेल ने NEET में स्टेट रैंक 12,897 हासिल की। उन्हें लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एमबीबीएस में प्रवेश मिला है। पलक ने वर्ष 2022 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उनके पिता देवपाल पटेल व्यवसायी हैं।पलक की सफलता इसलिए भी उल्लेखनीय है कि उनका चयन लेखपाल परीक्षा में भी हुआ था, लेकिन उन्होंने चिकित्सक बनने के अपने लक्ष्य को प्राथमिकता दी। नौकरी के बजाय उन्होंने मेडिकल शिक्षा के लिए तैयारी जारी रखी और अंततः अपने लक्ष्य को हासिल किया।
सीमित संसाधनों के बीच ओम जी ने हासिल की NEET में सफलता
अगौस गांव निवासी ओम जी शुक्ला ने NEET में स्टेट रैंक 36,713 प्राप्त की। उन्हें KGMU में बीएएमएस पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला है। ओम जी ने वर्ष 2025 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। उनके पिता राकेश कुमार शुक्ला किसान हैं।ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई जारी रखते हुए ओम जी ने जिस तरह सफलता हासिल की, वह क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया कि संसाधनों की कमी लक्ष्य प्राप्त करने की राह में अंतिम बाधा नहीं होती।
अभय गौतम ने भी रचा सफलता का इतिहास
विद्यालय के पूर्व छात्र अभय गौतम ने NEET में स्टेट रैंक 8,627 हासिल कर सफलता प्राप्त की। उन्हें हरदोई मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश मिला है। अभय ने वर्ष 2018 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले अभय ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी तैयारी जारी रखी और मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का लक्ष्य हासिल किया। उनकी सफलता भी उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनी है, जो सीमित साधनों के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया
तीनों पूर्व छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार मिश्रा और शिक्षकों को दिया। विद्यार्थियों का कहना रहा कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें अपने लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय पहुंचते ही हुआ सम्मान, तिलक और ट्रॉफी देकर बढ़ाया उत्साह
NEET में सफलता के बाद तीनों पूर्व छात्र विद्यालय पहुंचे, जहां प्रधानाचार्य अनिल कुमार मिश्रा और संभाग निरीक्षक विजय ने उनका तिलक लगाकर एवं ट्रॉफी देकर सम्मान किया। विद्यालय परिवार की ओर से विद्यार्थियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की गई।
प्रधानाचार्य बोले—इनकी सफलता दूसरे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा
प्रधानाचार्य अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि तीनों पूर्व छात्रों की सफलता विद्यालय के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियां वर्तमान छात्रों को भी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।विद्यालय के प्रबंधक त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी और प्रधानाचार्य ने तीनों विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। तीनों पूर्व छात्रों की सफलता से विद्यालय में उत्साह का माहौल रहा।






