
संवाद 24 नई दिल्ली। दुनिया भर में अपनी प्राकृतिक छटा, नीले पानी और मनमोहक द्वीपों के लिए प्रसिद्ध फिलीपींस का पलावन प्रांत बुधवार की शाम एक ऐसी भयावह त्रासदी का गवाह बना, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी। खूबसूरत लहरों के बीच सैर कर रहे दर्जनों सैलानियों और स्थानीय मुसाफिरों की सुकून भरी यात्रा अचानक एक भयानक चीख-पुकार में तब्दील हो गई। पलावन के पास समुद्र में तैर रही एक बड़ी पैसेंजर फेरी में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने पूरी नौका को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में अब तक कम से कम 5 लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 87 लोग गहरे समंदर में लापता बताए जा रहे हैं।
पलक झपकते ही ‘आग का गोला’ बन गई एम/वी जून एस्टर
मिली प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, यह दर्दनाक दुर्घटना ‘एम/वी जून एस्टर’ (M/V June Aster) नामक यात्री नौका में हुई। जहाज पर सवार लोग सफर का लुत्फ उठा रहे थे और किनारे की दूरी महज 2.2 किलोमीटर रह गई थी। तभी जहाज के निचले हिस्से से अचानक धुएं का घना गुबार उठा और कुछ ही पलों में आग की प्रचंड लपटें डेक तक जा पहुंचीं।
आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने या जीवन रक्षक उपकरण पहनने तक का पर्याप्त वक्त नहीं मिला। चारों तरफ सिर्फ घना काला धुआं, तपिश और जान बचाने की गुहारें गूंज रही थीं। जान बचाने के लिए घबराए मुसाफिरों ने बिना सोचे-समझे गहरे समंदर में छलांग लगानी शुरू कर दी।
134 लोग थे सवार, 42 को सुरक्षित निकाला गया
फिलीपीन कोस्ट गार्ड (PCG) की कमांडर कैप्टन नोएमी कायाब्याब ने घटना का आधिकारिक ब्योरा साझा करते हुए बताया कि जहाज के आधिकारिक यात्री रजिस्टर (Manifest) के मुताबिक:
1- जहाज पर कुल 134 लोग सवार थे, जिनमें यात्री और क्रू मेंबर्स शामिल थे।
2- अब तक तटरक्षक बल और स्थानीय बचाव दल ने 42 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है (38 यात्री और 4 चालक दल के सदस्य)।
3- तलाशी अभियान के दौरान अब तक 5 शव बरामद किए गए हैं, जिन्हें किनारे लाया जा चुका है।
4- आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 87 लोग अब भी लापता हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह डेटा पल-पल बदल रहा है, क्योंकि बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
खूबसूरत पर्यटन केंद्र के मुहाने पर काल का साया
जिस इलाके में यह दुर्घटना घटी, वह फिलीपींस का सबसे प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात पर्यटन क्षेत्र है। पलावन अपने वर्ल्ड हेरिटेज ‘पुएर्टो प्रिंसेसा सबटेरेनियन रिवर’ (भूमिगत नदी) और एल निडो जैसे रमणीय द्वीपों के लिए जाना जाता है। दुनिया भर से हजारों सैलानी इन दिनों यहां द्वीपों के भ्रमण के लिए आते हैं। किनारे के इतने करीब हादसे का शिकार होना यह दर्शाता है कि नौका पर आग लगने की स्थिति से निपटने के पुख्ता इंतजाम शायद नाकाफी साबित हुए। सोशल मीडिया और कोस्ट गार्ड द्वारा जारी वीडियो फुटेज में रात के घने अंधेरे में दूर से ही जहाज आग की भीषण लपटों से घिरा एक धधकता हुआ गोला नजर आ रहा था।
समंदर में महा-तलाश: क्या सुरक्षित बच पाएंगी सांसें?
रात के अंधेरे और समुद्र के बहाव के बीच कोस्ट गार्ड, नौसेना और स्थानीय मछुआरे मिलकर राहत व बचाव अभियान चला रहे हैं। अंधेरे और गहरे पानी के कारण बचाव कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। लापता लोगों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और वे किनारे पर अपनों की सकुशल वापसी की आस लगाए खड़े हैं।
अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता पहले अधिक से अधिक लोगों को जिंदा तलाशने की है। नौका में आग किस वजह से लगी – क्या यह इंजन कक्ष में शॉर्ट सर्किट था, ईंधन का रिसाव या कोई यांत्रिक खराबी – इसकी उच्चस्तरीय तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। फिलीपींस में समुद्री परिवहन द्वीपों के बीच जीवनरेखा माना जाता है, लेकिन ऐसे हादसे सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।






