लाइसेंस से पहले प्रशासन की पैनी नजर, तिर्वा में निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर का औचक निरीक्षण

तिर्वा, कन्नौज। तिर्वा कस्बे में सीएचसी के पास संचालित होने की तैयारी कर रहे एक निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर को लाइसेंस मिलने से पहले प्रशासनिक जांच के दौर से गुजरना पड़ा। सोमवार दोपहर एसडीएम तिर्वा वैशाली ने केंद्र का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, मशीन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

कमरे-दर-कमरे देखीं व्यवस्थाएं

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने अल्ट्रासाउंड केंद्र के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने अल्ट्रासाउंड मशीन, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और केंद्र में की गई अन्य व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। केंद्र संचालक से संचालन से संबंधित जानकारी लेने के साथ उपलब्ध संसाधनों और आवश्यक दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई।

लाइसेंस प्रक्रिया में मानकों की जांच अहम

प्रशासन के अनुसार निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र को संचालन की अनुमति देने से पहले निर्धारित मानकों और आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत एसडीएम ने मौके पर उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद निर्धारित मानकों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर संबंधित प्रक्रिया में भेजी गई है।

अल्ट्रासाउंड सेवाओं को लेकर पहले से दबाव

कन्नौज जिले में अल्ट्रासाउंड जांच सेवाओं को लेकर हाल के दिनों में मरीजों की परेशानी सामने आती रही है। जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड सेवा प्रभावित होने के चलते मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ा और वहां भीड़ बढ़ने की जानकारी सामने आई थी। एक रिपोर्ट के अनुसार जिले में 35 पंजीकृत निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं।ऐसे में तिर्वा में नए निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र के प्रस्तावित संचालन से स्थानीय स्तर पर जांच सुविधा उपलब्ध होने की संभावना है, लेकिन इससे पहले निर्धारित नियमों और मानकों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की प्रक्रिया

एसडीएम वैशाली के मुताबिक लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया के तहत आवश्यक जांच कर रिपोर्ट दे दी गई है। अब संबंधित प्रक्रिया के तहत निर्धारित मानकों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। प्रशासनिक निरीक्षण से स्पष्ट है कि केंद्र के संचालन से पहले आवश्यक औपचारिकताओं और मानकों की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी केवल सामान्य चिकित्सा सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके संचालन से जुड़े नियामकीय प्रावधानों का पालन भी महत्वपूर्ण है। विभिन्न जिलों में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अल्ट्रासाउंड केंद्रों के निरीक्षण और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के मामले सामने आते रहे हैं।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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