
कन्नौज। इत्र की खुशबू के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाला कन्नौज अब अपनी ऋषि परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिले के गुगरापुर विकासखंड के चियासर स्थित च्यवन ऋषि आश्रम के पर्यटन विकास के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना के तहत 81.35 लाख रुपये की परियोजना को मंजूरी मिली है। स्वीकृत धनराशि में से 61 लाख रुपये पहली किस्त के रूप में जारी किए जा चुके हैं। हालिया रिपोर्टों में भी परियोजना की स्वीकृति और पहली किस्त जारी होने की पुष्टि की गई है।
तपोभूमि से पर्यटन स्थल तक—अब बदलेगी तस्वीर
गंगा तट के निकट स्थित च्यवन ऋषि आश्रम धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार आश्रम का संबंध महर्षि च्यवन की तपस्या और ऋषि परंपरा से जोड़ा जाता है। कन्नौज के पर्यटन स्थलों के विकास के लिए वर्ष 2025 में भेजे गए प्रस्तावों में चियासर स्थित च्यवन ऋषि आश्रम को भी प्रमुखता से शामिल किया गया था।पर्यटन विकास की यह पहल केवल आश्रम परिसर के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ कन्नौज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर सामने लाने की उम्मीद है।
मल्टीपर्पज हॉल, सोलर पैनल और स्ट्रीट लाइट से बढ़ेंगी सुविधाएं
जारी पहली किस्त से आश्रम परिसर में कई बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। इनमें बहुउद्देश्यीय हॉल, सोलर पैनल, स्ट्रीट लाइट, आरसीसी बेंच और साइनेज जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन कार्यों का उद्देश्य आश्रम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
सोलर पैनल लगाए जाने से परिसर में पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, जबकि स्ट्रीट लाइट और साइनेज से आगंतुकों को परिसर में आवागमन और विभिन्न स्थानों की जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी।
चियासर घाट पर प्रस्तावित पुल से भी बढ़ेंगी पर्यटन की संभावनाएं
च्यवन ऋषि आश्रम के विकास के साथ क्षेत्र की कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ी योजना आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने च्यवन ऋषि आश्रम के निकट चियासर घाट पर गंगा नदी पर पुल, पहुंच मार्ग और अतिरिक्त पहुंच मार्ग के निर्माण की परियोजना को मंजूरी दी है। सरकारी दस्तावेज के अनुसार इस परियोजना की अनुमोदित लागत करीब 288.99 करोड़ रुपये है। प्रस्तावित पुल से कन्नौज और हरदोई के बीच आवागमन आसान होने के साथ क्षेत्रीय आबादी तथा पर्यटकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।वर्तमान में चियासर घाट पर नदी पार करने के लिए नाव ही प्रमुख साधन है और बरसात के दौरान आवागमन प्रभावित होता है। ऐसे में पुल निर्माण और आश्रम के पर्यटन विकास को एक साथ क्षेत्र की कनेक्टिविटी तथा पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कन्नौज के पर्यटन सर्किट में जुड़ सकता है नया अध्याय
कन्नौज में च्यवन ऋषि आश्रम के अलावा लाख बहोसी पक्षी अभयारण्य, कन्नौज पुरातात्विक संग्रहालय, तिर्वा का माता अन्नपूर्णा मंदिर, मेहंदी घाट, स्वयंभू बाबा गौरी शंकर मंदिर और 52 खंभों वाली मकदूम जहानिया जैसे धार्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थल मौजूद हैं। च्यवन ऋषि आश्रम के विकास से इन स्थलों को जोड़कर जिले के धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को और विस्तार देने की संभावनाएं बन रही हैं।
ऋषि परंपरा और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का संगम
च्यवन ऋषि आश्रम के विकास की मंजूरी कन्नौज की उस विरासत को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो लंबे समय से धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी रही है। आश्रम में आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विकास और क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी की योजनाएं पूरी होने के बाद यह स्थल कन्नौज के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्रों में अपनी जगह मजबूत कर सकता है।






