
कन्नौज/तिर्वा। त्योहारों के दौरान आतिशबाजी की बिक्री और भंडारण को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में तिर्वा कस्बे में एसडीएम वैशाली ने आतिशबाजी के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आतिशबाजी के भंडारण, बिक्री व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी इंतजामों को परखा गया।
बालाजी ट्रेडर्स के प्रतिष्ठान पर पहुंची प्रशासनिक टीम
मंगलवार शाम एसडीएम वैशाली ने तिर्वा कस्बे में स्थित बालाजी ट्रेडर्स के आतिशबाजी संबंधी थोक एवं फुटकर बिक्री प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। अचानक हुए निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने यह देखने की कोशिश की कि आतिशबाजी का रखरखाव और बिक्री निर्धारित नियमों के अनुरूप हो रही है या नहीं।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में निरीक्षण के दौरान किसी गंभीर अनियमितता या प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
भंडारण और बिक्री व्यवस्था पर विशेष नजर
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आतिशबाजी का भंडारण और बिक्री निर्धारित लाइसेंस एवं सुरक्षा मानकों के अनुसार ही की जाए। उन्होंने दुकान संचालकों से ग्राहकों के साथ-साथ आसपास के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा।केंद्र सरकार के Explosives Rules, 2008 में आतिशबाजी की दुकानों और भंडारण स्थलों के लिए कई सुरक्षा प्रावधान निर्धारित हैं। नियमों के अनुसार आतिशबाजी की दुकानों में उचित निर्माण, सुरक्षित प्रवेश-निकास, अग्निशमन के लिए पहुंच और आग अथवा चिंगारी पैदा करने वाले उपकरणों से बचाव जैसी व्यवस्थाएं आवश्यक हैं।
तय मानकों से दूरी और सुरक्षा व्यवस्था भी अहम
नियमों में आतिशबाजी की दुकानों तथा अन्य ज्वलनशील या खतरनाक सामग्री के भंडारण वाले स्थानों के बीच न्यूनतम सुरक्षा दूरी का भी प्रावधान है। वहीं, आतिशबाजी को दुकान में सुरक्षित और स्पार्क-प्रूफ तरीके से रखने के निर्देश दिए गए हैं।त्योहारी सीजन में अस्थायी आतिशबाजी दुकानों के लिए भी अलग सुरक्षा प्रावधान हैं। ऐसे दुकानों के बीच निर्धारित दूरी, गैर-ज्वलनशील सामग्री से बने शेड और खुले आग के स्रोतों पर प्रतिबंध जैसे नियम लागू होते हैं।
नियम टूटे तो कार्रवाई की चेतावनी
एसडीएम ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि आतिशबाजी की बिक्री या भंडारण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण का उद्देश्य न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, बल्कि किसी संभावित आगजनी या दुर्घटना को पहले ही रोकना भी है।
प्रशासन की निगरानी आगे भी रहने के संकेत
कन्नौज में इससे पहले भी आतिशबाजी की बिक्री को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लाइसेंस और निर्धारित स्थानों पर बिक्री को लेकर निगरानी की जा चुकी है। पिछले वर्ष सदर तहसील क्षेत्र में आतिशबाजी बिक्री के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए थे और प्रशासन ने निर्धारित स्थलों पर ही बिक्री कराने की बात कही थी।तिर्वा में हुए इस औचक निरीक्षण के बाद माना जा रहा है कि आगामी दिनों में आतिशबाजी के अन्य प्रतिष्ठानों पर भी प्रशासन की नजर रह सकती है। फिलहाल अधिकारियों की ओर से दुकानदारों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि आतिशबाजी का कारोबार नियमों के मुताबिक और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ही किया जाए।






