09 सितम्बर 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 09 सितम्बर 2026, बुधवार

कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – त्रयोदशी दोपहर 12:32 PM तक, तत्पश्चात् चतुर्दशी (मासिक शिवरात्रि)
वार – बुधवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – आश्लेषा दोपहर 03:15 PM तक, तत्पश्चात् मघा
योग – शिव रात 09:57 PM तक, तत्पश्चात् सिद्ध
करण – वणिज दोपहर 12:32 PM तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) रात 11:31 PM तक, तत्पश्चात् शकुनि

सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:54 AM
सूर्यास्त – 06:23 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (10 सितम्बर) प्रातः 04:48 AM
चन्द्रास्त – शाम 05:15 PM
चन्द्र राशि – कर्क दोपहर 03:15 PM तक, तत्पश्चात् सिंह
अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)

अशुभ काल
राहुकाल – 12:08 PM से 01:42 PM तक
यमगण्ड – 07:27 AM से 09:01 AM तक
गुलिक काल – 10:35 AM से 12:08 PM तक
दुर्मुहूर्त – 11:44 AM से 12:33 PM तक
कंटक – 04:43 PM से 05:33 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 06:44 AM से 07:34 AM तक
यमघण्ट – 08:24 AM से 09:14 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 11:44 AM से 12:33 PM तक

शुभ चौघड़िया
लाभ – 05:54 AM से 07:27 AM तक
अमृत – 07:27 AM से 09:01 AM तक
शुभ – 10:35 AM से 12:08 PM तक
चर – 03:16 PM से 04:50 PM तक

दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो तिल या धनिया खाकर अथवा राई खाकर प्रस्थान करें।

व्रत-पर्व एवं विशेष योग
मासिक शिवरात्रि / भद्रा काल / शिव योग
आज दोपहर 12:32 PM के बाद भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पावन ‘मासिक शिवरात्रि’ की चतुर्दशी तिथि रहेगी। आज भगवान शिव और माता पार्वती का जलाभिषेक व बेलपत्र अर्पण करने से सभी कष्टों का निवारण होता है। दोपहर 12:32 PM से रात 11:31 PM तक भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव रहेगा। रात 09:57 PM तक सर्वकल्याणकारी ‘शिव योग’ रहेगा।

आश्लेषा एवं मघा नक्षत्र (गंडमूल विचार)
दोपहर 03:15 PM तक आश्लेषा नक्षत्र रहेगा और उसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा। दोनों ही नक्षत्र गंडमूल श्रेणी में आते हैं, अतः पूरे दिन गंडमूल का प्रभाव रहेगा। नवजात शिशुओं के नामकरण एवं शुभ संस्कारों के लिए गंडमूल शांति का विचार करना उत्तम रहेगा।

विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा दोपहर 03:15 PM तक कर्क राशि में और उसके बाद सूर्य देव की स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे। दोपहर के बाद सिंह राशि में चन्द्रमा का संचरण जातकों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक प्रतिष्ठा और पराक्रम में वृद्धि करेगा। आज अभिजित मुहूर्त नहीं है, अतः शुभ कार्यों के लिए शुभ चौघड़िया का उपयोग करें।

आज का राशिफल – 09 सितम्बर 2026 बुधवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दोपहर तक घरेलू मामलों में व्यस्तता रहेगी। दोपहर के बाद पंचम भाव में चन्द्रमा के आने से विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों को बड़ी सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दोपहर तक पराक्रम बना रहेगा। दोपहर 03:15 PM के बाद चतुर्थ भाव में चन्द्रमा के गोचर से प्रॉपर्टी, मकान या नए वाहन की खरीदारी से जुड़ी चर्चाएं सफल होंगी। माता का आशीर्वाद मिलेगा।
उपाय – ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दोपहर तक आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। दोपहर के बाद आपके साहस और संपर्क सूत्रों में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का भरपूर सहयोग कार्यक्षेत्र में मिलेगा।
उपाय – बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल या हरे वस्त्र का दान करें।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दोपहर तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहने से स्फूर्ति बनी रहेगी। दोपहर के बाद धन भाव में चन्द्रमा आने से अटका हुआ धन वापस मिलेगा, वाणी से काम बनेंगे और बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध और अक्षत अर्पित करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दोपहर तक खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखें। दोपहर 03:15 PM के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा, आत्मविश्वास लौटेगा और नए अवसर मिलेंगे।
उपाय – मस्तक पर केसर या लाल चंदन का तिलक लगाएं।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
दोपहर तक आय के स्रोतों में वृद्धि रहेगी। दोपहर के बाद द्वादश भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से सुदूर यात्रा या मांगलिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है। लेन-देन में सतर्क रहें।
उपाय – गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दोपहर तक कार्यक्षेत्र में उन्नति रहेगी। दोपहर के बाद एकादश भाव में चन्द्रमा के आने से बड़ा आर्थिक लाभ होगा, पुराने निवेश से मुनाफा मिलेगा और मित्रों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दोपहर तक भाग्य का साथ मिलेगा। दोपहर के बाद दशम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से नौकरी और आजीविका के क्षेत्र में शानदार सफलता मिलेगी। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं।

धनु (ये, Yo, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दोपहर तक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दोपहर 03:15 PM के बाद नवम भाव में चन्द्रमा के गोचर से आपका रुका हुआ भाग्य चमकेगा, अटके काम बनेंगे और धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दोपहर तक व्यापार और दाम्पत्य में लाभ रहेगा। दोपहर के बाद अष्टम भाव में चन्द्रमा जाने से सेहत के प्रति थोड़ी सतर्कता बरतें, वाणी में संयम रखें और वाहन सावधानी से चलाएं।
उपाय – जरूरतमंदों को मूंग की दाल की खिचड़ी खिलाएं।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दोपहर तक शत्रुओं पर आपका प्रभाव रहेगा। दोपहर के बाद जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे और साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की पूरी संभावना है।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
दोपहर तक बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा के षष्ठम भाव में जाने से पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी और विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित होगी।
उपाय – संकट नाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें।

॥ शुभम भवतु ॥

Samvad 24 Office
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