
संवाद 24 नई दिल्ली। पड़ोसी देश नेपाल में मूसलाधार बारिश, भीषण बाढ़ और विनाशकारी भूस्खलन के बाद स्थिति अत्यंत भयावह बनी हुई है। प्राकृतिक आपदा के कई दिन बीत जाने के बावजूद तबाही का मंजर थमता नजर नहीं आ रहा है। राहत और बचाव कार्य के दौरान नुवाकोट जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां भोटे कोशी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक ही घर के मलबे से 24 शव बरामद किए गए हैं। देश भर में अब तक कुल 939 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
मलबे के ढेर में दफन हुआ पूरा आशियाना
आपदा प्रबंधन टीमों द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान के दौरान मंगलवार को नुवाकोट जिले के बिदुर नगर पालिका वार्ड संख्या-10 (वेत्रवंती) में दिल दहला देने वाली त्रासदी देखने को मिली। भयंकर सैलाब और मिट्टी के कटाव के चलते एक पूरा मकान जमींदोज हो गया था। नुवाकोट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बिपिन रेग्मी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत कर्मियों ने मलबे की खुदाई कर एक ही स्थान से 24 शव निकाले हैं। इनमें 13 महिलाएं, 11 पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। अचानक आए जलप्रलय और भूस्खलन के कारण लोगों को घर से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। सभी शवों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम और शिनाख्त के लिए काठमांडू स्थित त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग अस्पताल भेजा गया है।
939 मौतों की पुष्टि, हजारों की तलाश जारी
नेपाल की विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियों, सेना और पुलिस के जवान युद्ध स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न जिलों से अब तक 939 शव निकाले जा चुके हैं। कई सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें, पुल और संचार व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाने के कारण बचाव दलों को मौके पर पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में सैकड़ों घायलों का इलाज चल रहा है, वहीं लगभग 4000 से अधिक लापता नागरिकों के परिजन मलबे और कीचड़ के ढेरों के बीच अपनों की तलाश में टकटकी लगाए बैठे हैं।
भारतीय सीमा में भी तबाही का असर: गंडक नदी से मिले शव
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा का व्यापक प्रभाव भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। नेपाल की तरफ से उफान पर बहकर आ रही गंडक नदी में भारतीय सीमा क्षेत्र से 23 अज्ञात शव बरामद किए गए हैं। जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के चलते ये शव बहकर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। स्थानीय भारतीय प्रशासन ने शवों को सुरक्षित कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है और शिनाख्त के साथ-साथ इन्हें नेपाल की संबंधित राहत एजेंसियों को सौंपने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। दोनों देशों के सीमावर्ती अधिकारी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।






