
संवाद 24 नई दिल्ली। देश भर में मानसून ने एक बार फिर करवट ले ली है और अपनी पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। मैदानी क्षेत्रों से लेकर पहाड़ी इलाकों तक कुदरत का मिजाज अचानक बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए देश की राजधानी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कुल 25 राज्यों के लिए भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली को लेकर ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद कई राज्यों के जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गए हैं।
दिल्ली-NCR में सुबह से बदले हालात, ठंडी हवाओं के साथ बारिश
राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर के इलाकों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह से ही आसमान में घने काले बादलों का डेरा जमा हुआ है। तेज रफ्तार ठंडी हवाओं के साथ कई इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई है। इस अचानक हुई बारिश से बीते कई दिनों से चिपचिपी और उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है और पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार होने वाली तेज बारिश के चलते दिल्ली और एनसीआर के निचले इलाकों में भारी जलभराव और ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
यूपी, बिहार और मध्य भारत में बाढ़ और जलभराव का संकट
मैदानी राज्यों में मानसूनी बादलों का सबसे ज्यादा रौद्र रूप उत्तर प्रदेश और बिहार में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इन दोनों राज्यों के अधिकांश जिलों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार होने वाली बारिश से रिहायशी बस्तियों और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।
उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों को चेतावनी जारी करते हुए सलाह दी है कि खराब मौसम और तेज गर्जना के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल न जाएं।
इन 25 राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के दायरे में उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर तक के राज्य शामिल हैं। मौसम विभाग की सूची के अनुसार:
1- उत्तर और मध्य भारत: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़।
2- पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर।
3- पूर्वी और पश्चिमी भारत: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र और गुजरात।
4- दक्षिण भारत: आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल।
5- पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम और नागालैंड।
पहाड़ों पर भूस्खलन और लैंडस्लाइड का बढ़ा खतरा
मैदानी इलाकों में जहां बारिश से जलभराव और बाढ़ का खतरा बना हुआ है, वहीं पहाड़ी राज्यों में स्थिति और ज्यादा संवेदनशील हो गई है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई पहाड़ी मार्गों पर लगातार बारिश के चलते भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और जमीन धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पहाड़ों से लगातार बोल्डर और मलबा गिरने के कारण कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग बाधित हो रहे हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी चेतावनी दी है कि वे फिलहाल अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों के करीब न जाएं।
किसानों के लिए वरदान और चुनौती दोनों
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बारिश खरीफ फसलों के लिए कई मायनों में संजीवनी साबित हो सकती है, विशेषकर धान की रोपाई और सिंचाई के लिए। लेकिन जहां बारिश का रूप अतिवृष्टि में बदल रहा है, वहां खेतों में पानी भरने से कटी या तैयार हो रही फसलों के खराब होने का जोखिम भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसमी गतिविधियों पर नजर बनाए रखने और जारी किए जा रहे ताजा पूर्वानुमानों के अनुसार ही जरूरी यात्रा करने की अपील की है।






