
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 05 सितम्बर 2026, शनिवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – नवमी रात 09:55 PM तक, तत्पश्चात् दशमी
वार – शनिवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – मृगशिरा रात 09:31 PM तक, तत्पश्चात् आर्द्रा
योग – वज्र दोपहर 12:46 PM तक, तत्पश्चात् सिद्धि
करण – तैतिल सुबह 11:06 AM तक, तत्पश्चात् गर रात 09:55 PM तक, तत्पश्चात् वणिज
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:52 AM
सूर्यास्त – 06:28 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (06 सितम्बर) 00:19 AM
चन्द्रास्त – दोपहर 02:01 PM
चन्द्र राशि – वृषभ सुबह 10:19 AM तक, तत्पश्चात् मिथुन
अभिजित मुहूर्त – 11:45 AM से 12:35 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 09:01 AM से 10:35 AM तक
यमगण्ड – 01:44 PM से 03:19 PM तक
गुलिक काल – 05:52 AM से 07:26 AM तक
दुर्मुहूर्त – 05:52 AM से 06:42 AM तक एवं 06:42 AM से 07:33 AM तक
कंटक – 11:45 AM से 12:35 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 01:25 PM से 02:16 PM तक
यमघण्ट – 03:06 PM से 03:57 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 06:42 AM से 07:33 AM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 07:26 AM से 09:01 AM तक
लाभ – 09:01 AM से 10:35 AM तक
अमृत – 10:35 AM से 12:10 PM तक
शुभ – 01:44 PM से 03:19 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पूर्व
यात्रा उपाय – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो अदरक या उड़द की दाल खाकर अथवा भगवान शनिदेव का स्मरण कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
गोगा नवमी (नन्दोत्सव) / सिद्धि योग
आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पावन ‘गोगा नवमी’ का पर्व मनाया जाएगा। राजस्थान व उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों में जाहरवीर गोगा जी महाराज की पूजा-अर्चना बड़े भक्ति-भाव से की जाती है। इसके साथ ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर के बाद आज मंदिरों में ‘नन्दोत्सव’ का आनंद मनाया जाएगा। दोपहर 12:46 PM के बाद सभी कार्यों में सफलता दिलाने वाला ‘सिद्धि योग’ प्रारंभ होगा।
मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव
रात 09:31 PM तक मृगशिरा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी मंगल देव और अधिपति चन्द्रमा (सोम) हैं। यह नक्षत्र शोध, कला, सौंदर्य, यात्रा, नवीन योजनाओं की शुरुआत और मैत्रीपूर्ण संबंधों के विस्तार के लिए अत्यंत शुभ व कल्याणकारी माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा सुबह 10:19 AM तक वृषभ राशि में और उसके बाद बुध देव की राशि मिथुन में संचरण करेंगे। सुबह के बाद मिथुन राशि में चन्द्रमा का गोचर जातकों में संवाद कुशलता, बौद्धिक सक्रियता, व्यापारिक समझ और त्वरित निर्णय क्षमता में वृद्धि करेगा।

आज का राशिफल – 05 सितम्बर 2026 शनिवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
सुबह तक आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। सुबह के बाद आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और छोटी लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं होंगी।
उपाय – शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
सुबह तक आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। सुबह 10:19 AM के बाद चन्द्रमा के धन भाव में आने से रुका हुआ धन वापस मिलेगा, वाणी से काम बनेंगे और बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
उपाय – हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
सुबह तक खर्चों पर नियंत्रण रखें। सुबह के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा, नई ऊर्जा का संचार होगा और सोचे हुए कार्य पूरे होंगे।
उपाय – पक्षियों को सतनाजा (सात प्रकार का अनाज) डालें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
सुबह तक आय के अच्छे स्रोत बने रहेंगे। सुबह के बाद द्वादश भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से सुदूर यात्रा या धार्मिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है। लेन-देन में सतर्क रहें।
उपाय – शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
सुबह तक कार्यक्षेत्र में उन्नति रहेगी। सुबह के बाद एकादश भाव में चन्द्रमा के आने से आय में जबरदस्त वृद्धि होगी, पुराने निवेश से लाभ मिलेगा और मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
सुबह तक भाग्य का साथ मिलेगा। सुबह के बाद दशम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से नौकरी और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे।
उपाय – जरूरतमंदों को काले वस्त्र या चप्पल का दान करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
सुबह तक सेहत का ध्यान रखें। सुबह 10:19 AM के बाद नवम भाव में चन्द्रमा के गोचर से आपका रुका हुआ भाग्य चमकेगा, अटके काम पूरे होंगे और धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
सुबह तक व्यापार और दाम्पत्य में लाभ रहेगा। सुबह के बाद अष्टम भाव में चन्द्रमा जाने से सेहत के प्रति सतर्कता बरतें, वाणी में संयम रखें और वाहन सावधानी से चलाएं।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
सुबह तक शत्रुओं पर आपका प्रभाव रहेगा। सुबह के बाद जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे और साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की पूरी संभावना है।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
सुबह तक बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। सुबह के बाद चन्द्रमा के षष्ठम भाव में जाने से पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी और विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित होगी।
उपाय – ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
सुबह तक पारिवारिक मामलों में व्यस्तता रहेगी। सुबह के बाद विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों को शुभ समाचार मिलेगा। बौद्धिक क्षमता से लाभ होगा।
उपाय – पीपल के पेड़ के पास चौमुखा दीपक जलाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
सुबह तक पराक्रम बना रहेगा। सुबह के बाद प्रॉपर्टी, मकान या नए वाहन की खरीदारी से जुड़ी चर्चाएं सफल होंगी। माता का पूरा आशीर्वाद और सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।
॥ शुभम भवतु ॥

