
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 02 सितम्बर 2026, बुधवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – पंचमी प्रातः 06:14 AM तक, तत्पश्चात् षष्ठी अगले दिन (03 सितम्बर) प्रातः 04:28 AM तक, तत्पश्चात् सप्तमी
वार – बुधवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – भरणी अगले दिन (03 सितम्बर) प्रातः 01:43 AM तक, तत्पश्चात् कृतिका
योग – ध्रुव रात 09:12 PM तक, तत्पश्चात् व्याघात
करण – तैतिल प्रातः 06:14 AM तक, तत्पश्चात् गर शाम 05:23 PM तक, तत्पश्चात् वणिज अगले दिन (03 सितम्बर) प्रातः 04:28 AM तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:50 AM
सूर्यास्त – 06:31 PM
चन्द्रोदय – रात 09:33 PM
चन्द्रास्त – प्रातः 10:41 AM
चन्द्र राशि – मेष (पूरा दिन-रात)
अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 12:11 PM से 01:46 PM तक
यमगण्ड – 07:25 AM से 09:01 AM तक
गुलिक काल – 10:36 AM से 12:11 PM तक
दुर्मुहूर्त – 11:45 AM से 12:36 PM तक
कंटक – 04:50 PM से 05:41 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 06:41 AM से 07:32 AM तक
यमघण्ट – 08:23 AM से 09:13 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 11:45 AM से 12:36 PM तक
शुभ चौघड़िया
लाभ – 05:50 AM से 07:25 AM तक
अमृत – 07:25 AM से 09:01 AM तक
शुभ – 10:36 AM से 12:11 PM तक
चर – 03:21 PM से 04:56 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो तिल या धनिया खाकर अथवा राई खाकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
हल षष्ठी (ललही छठ / हरछठ व्रत / बलराम जयंती)
आज प्रातः 06:14 AM के बाद भाद्रपद कृष्ण पक्ष की पावन ‘हल षष्ठी’ (ललही छठ/हरछठ) का महापर्व मनाया जाएगा। इसे भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई श्री बलराम जी के जन्मोत्सव के रूप में भी श्रद्धाभाव से मनाया जाता है। माताएं अपनी संतान की दीर्घायु और कल्याण के लिए यह निर्जला/फलाहार व्रत रखती हैं। आज रात 09:12 PM तक स्थिरता और उन्नति प्रदायक ‘ध्रुव योग’ रहेगा।
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
पूरे दिन और रात अगले दिन तड़के 01:43 AM तक भरणी नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी शुक्र देव और अधिपति यमराज हैं। यह नक्षत्र शुद्धि, न्याय, संयम, कला, विलासिता और बड़े संकल्पों को पूरा करने के लिए फलदायी माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन और रात मंगल देव की राशि मेष में संचरण करेंगे। मेष राशि में चन्द्रमा और ध्रुव योग का संयोग जातकों में ऊर्जा, त्वरित निर्णय शक्ति और कार्यक्षेत्र में स्थायित्व प्रदान करेगा। आज अभिजित मुहूर्त नहीं है, अतः शुभ कार्यों के लिए शुभ चौघड़िया बेला का उपयोग करें।

आज का राशिफल – 02 सितम्बर 2026 बुधवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास और स्फूर्ति बनी रहेगी। व्यापार में नए अनुबंध मिल सकते हैं और सोचे हुए कार्य आसानी से पूरे होंगे।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
द्वादश भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से आज बेफिजूल के खर्चों से बचें। सुदूर यात्रा से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। लेन-देन में पूरी सावधानी बरतें।
उपाय – ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने किए गए निवेश से बड़ा आर्थिक लाभ होगा। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
उपाय – बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल या हरे वस्त्र का दान करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दशम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से कार्यक्षेत्र और करियर में बड़ी सफलता मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्यों की सराहना करेंगे। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध और अक्षत अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा। धार्मिक और मांगलिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। किसी तीर्थ स्थल की यात्रा की रूपरेखा बन सकती है।
उपाय – गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के गोचर से आज स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वाहन सावधानी से चलाएं। किसी गुप्त स्रोत से अचानक धन लाभ हो सकता है।
उपाय – गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। व्यापार में नई साझेदारियों से बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में साख मजबूत होगी।
उपाय – छोटी कन्याओं को कुछ मीठा उपहार या फल दें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
प्रतिद्वंद्वी और गुप्त शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सुधरेगा।
उपाय – हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन शानदार रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। बौद्धिक क्षमता से लाभ होगा।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
घरेलू सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी, नया मकान या वाहन खरीदने से जुड़ी योजनाएं सफल होंगी। माता का आशीर्वाद मिलेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को मूंग की दाल की खिचड़ी खिलाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा। छोटी लेकिन लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं होंगी।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन बहुत मजबूत रहेगा। फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। वाणी की मधुरता से परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।
उपाय – संकट नाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

