
संवाद 24 फर्रुखाबाद। जिले में बारिश और बाढ़ के बीच सर्पदंश की घटनाएं चिंता बढ़ाने लगी हैं। अमृतपुर तहसील के कुम्हरौर गांव में शुक्रवार रात घर में बर्तन धो रही 17 वर्षीय किशोरी सुमन को सांप ने पैर में डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लोहिया लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है।
अमृतपुर क्षेत्र में गंगा और रामगंगा की बाढ़ के कारण 30 से अधिक गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। खेतों, खलिहानों और झाड़ियों में पानी भरने से सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में आबादी की ओर पहुंच रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को घरों और आसपास के क्षेत्रों में भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत पड़ रही है।
बर्तन धोते समय सांप ने डसा
कुम्हरौर गांव निवासी 17 वर्षीय सुमन शुक्रवार रात घर में बर्तन धो रही थी। इसी दौरान अचानक सांप ने उसके पैर में डस लिया। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन बिना देरी किए उसे जिला अस्पताल लोहिया लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने किशोरी का उपचार शुरू किया। फिलहाल वह चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती है। घटना के बाद परिवार के लोग चिंतित हैं और गांव में भी सर्पदंश को लेकर डर का माहौल है। परिजनों के मुताबिक, गांव के आसपास झाड़ियां हैं और बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंच चुका है। ऐसे में सांपों के घरों और आबादी के नजदीक आने का खतरा बढ़ गया है।
20 दिनों में कई मामले, पहले हो चुकी है मौत
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब 20 दिनों में अमृतपुर तहसील क्षेत्र में सर्पदंश के कई मामले सामने आए हैं। इससे पहले अमृतपुर कस्बे में एक ग्रामीण की सांप के डसने से मौत भी हो चुकी है। बाढ़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और झाड़ियों में पानी भरने से सांपों के छिपने और आवाजाही के स्थान बदल रहे हैं। इससे खेतों में काम करने वाले लोगों के साथ-साथ घरों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी खतरा बढ़ गया है।
सिर्फ अमृतपुर नहीं, पूरे जिले में बढ़ रही सर्पदंश की घटनाएं
बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं केवल अमृतपुर या गंगा-रामगंगा के बाढ़ प्रभावित इलाकों तक सीमित नहीं हैं। फर्रुखाबाद जिले के अलग-अलग ग्रामीण और आबादी वाले क्षेत्रों से भी सांप के डसने के मामले सामने आ रहे हैं। खेतों, झाड़ियों, जलभराव वाले स्थानों और घरों के आसपास सांपों की सक्रियता बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ी है। ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान सर्पदंश का खतरा सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो जाता है। ऐसे में जिले के लोगों को केवल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि अपने घर और आसपास के वातावरण में भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
वन विभाग ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह
जिला वन अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि मानसून के दौरान सांप पानी से बचने के लिए आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ सकते हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करने तथा घास-फूस और झाड़ियों वाले स्थानों पर जाते समय सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही घर के आसपास झाड़ियों और कचरे को साफ रखने की सलाह दी गई है। वन विभाग की सलाह के अनुसार सांप दिखाई देने पर उसे खुद पकड़ने या उसके साथ छेड़छाड़ करने के बजाय संबंधित विभाग अथवा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की मदद लेना सुरक्षित विकल्प है।
सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं
सांप के डसने की स्थिति में पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी है। परिजनों को घबराने के बजाय पीड़ित को शांत और स्थिर रखने का प्रयास करना चाहिए। घाव को काटना, विष चूसने का प्रयास करना या किसी अप्रमाणित घरेलू उपचार में समय गंवाना नुकसानदायक हो सकता है। विषैले सर्पदंश की स्थिति में अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक उपचार ही सबसे महत्वपूर्ण है।
बाढ़ के साथ सर्पदंश ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
अमृतपुर में कुम्हरौर गांव की किशोरी सुमन को घर के भीतर सांप द्वारा डसे जाने की घटना ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सर्पदंश के खतरे को फिर सामने ला दिया है। खेतों और झाड़ियों में पानी भरने के कारण सांपों के आबादी की ओर आने की आशंका बनी हुई है।वहीं, जिले के अन्य हिस्सों से भी बारिश के मौसम में सर्पदंश के मामले सामने आने से यह समस्या केवल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गई है। ऐसे में लोगों को घर की साफ-सफाई, झाड़ियों की नियमित कटाई और रात में टॉर्च के इस्तेमाल जैसे छोटे लेकिन जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता है।फिलहाल सुमन का लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है और बाढ़ तथा बारिश का दौर जारी रहने तक सर्पदंश से बचाव को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी मानी जा रही है।






