
कन्नौज। ठठिया थाना क्षेत्र में कांवड़ियों के बीच हुए विवाद के बाद दो युवकों को थाने ले जाकर उनके साथ कथित मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग ठठिया थाने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू की, जिसके बाद दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। स्थानीय स्तर पर सामने आई रिपोर्टों में भी युवकों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट के आरोप और थाने के घेराव की पुष्टि हुई है।
मानीमऊ रोड पर कांवड़ियों के विवाद ने लिया तूल
बताया गया कि रविवार रात ठठिया कस्बे के मानीमऊ रोड क्षेत्र में दो कांवड़ियों के बीच विवाद हो गया था। विवाद को शांत कराने के लिए महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष गगन अग्निहोत्री और राज राठौर समेत कुछ लोग मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच स्थिति संभालने के प्रयास के दौरान पुलिस भी वहां पहुंची और युवकों को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।
थाने में मारपीट का लगाया आरोप
युवकों का आरोप है कि थाने में दो सिपाहियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय संबंधित पुलिसकर्मी नशे में थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। खबरों के मुताबिक, युवकों के साथ कथित मारपीट की जानकारी फैलने के बाद देर रात बड़ी संख्या में लोग ठठिया थाने पहुंच गए।
भीड़ ने घेरा थाना, अधिकारियों ने संभाली स्थिति
घटना के विरोध में पहुंचे लोगों ने थाने का घेराव करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थिति की जानकारी मिलने पर क्षेत्राधिकारी तिर्वा कुलवीर सिंह समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। अधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई।
जांच रिपोर्ट के बाद दो सिपाहियों पर कार्रवाई
मामले की जांच के बाद क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखी गई। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक बिनोद कुमार ने सिपाही यशपाल और अभिषेक यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, पूरे प्रकरण की आगे की जांच क्षेत्राधिकारी नगर शिल्पा वर्मा को सौंपी गई है। लाइन हाजिर किए जाने की कार्रवाई को मामले में प्रारंभिक विभागीय कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस की विभागीय जांच जारी है। युवकों द्वारा लगाए गए मारपीट और नशे में होने के आरोपों की जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच के दौरान पुलिसकर्मियों और शिकायतकर्ताओं के पक्ष के अलावा मौके पर मौजूद अन्य लोगों से मिली जानकारी तथा उपलब्ध साक्ष्यों को किस तरह दर्ज किया जाता है।






