थाली से गायब नहीं होगा प्याज! बढ़ती कीमतों पर नकेल कसने के लिए पटरियों पर दौड़ी ‘कांदा एक्सप्रेस’

संवाद 24 नई दिल्ली। देश के कई प्रमुख शहरों में आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही प्याज की महंगाई को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। खुदरा बाजारों में आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाने के मकसद से सरकार ने अपने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत महाराष्ट्र के नासिक से देश के विभिन्न राज्यों के लिए विशेष ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेनें रवाना की जा रही हैं, ताकि मंडियों में प्याज की उपलब्धता में कोई कमी न आए और कीमतों को तुरंत नीचे लाया जा सके।

क्यों पड़ी ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाने की जरूरत?
उपभोक्ता मामले मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में कई बड़े शहरों में प्याज के दामों में 40 से 45 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी दिल्ली में जहां प्याज 60 से 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया, वहीं चेन्नई में 58 रुपये और देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी कीमतें औसत से काफी अधिक दर्ज की गईं। बाजार के जानकारों का मानना है कि उत्पादन वाले प्रमुख क्षेत्रों में आपूर्ति की अस्थाई दिक्कतों और कुछ व्यापारियों द्वारा की जा रही कृत्रिम जमाखोरी के चलते कीमतें बढ़ी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि केवल सड़क मार्ग पर निर्भर रहने के बजाय भारतीय रेल के माध्यम से कम लागत और तेज गति से भारी मात्रा में प्याज की खेप उपभोक्ता केंद्रों तक पहुंचाई जाए।

कैसे काम करेगा यह राहत मॉडल?
सरकार की नोडल एजेंसियों – नैफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) – ने इस सीजन के लिए लाखों टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया है।
1- सीधी और थोक आपूर्ति: नासिक के प्रमुख केंद्रों से ‘कांदा एक्सप्रेस’ मालगाड़ियों के जरिए हजारों मीट्रिक टन प्याज दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि, लखनऊ और गुवाहाटी जैसे बड़े वितरण केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
2- सस्ते दामों पर बिक्री: यह स्टॉक प्रमुख थोक मंडियों (जैसे दिल्ली की आजादपुर मंडी) में उतारा जा रहा है ताकि थोक दरों में नरमी आए। साथ ही, केंद्रीय भंडार, सफल (Safal) और मोबाइल वैन के जरिए आम उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा।
3- लागत और समय की बचत: रेल मार्ग से थोक परिवहन से न केवल ट्रकों के मुकाबले समय की भारी बचत होती है, बल्कि ढुलाई खर्च में कमी आने से अंतिम उपभोक्ता तक प्याज कम दाम में पहुंचना संभव होता है।

जमाखोरों पर सरकार की सख्त नजर
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश में प्याज का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आने वाले महीनों की मांग को पूरा करने के लिए किसी तरह की वास्तविक कमी नहीं है। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि बिचौलियों या व्यापारियों द्वारा अनुचित लाभ कमाने के लिए कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिश की गई, तो उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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