
कन्नौज। उमर्दा विकासखंड क्षेत्र के उमर्दा गांव स्थित अस्थायी गौशाला में बारिश के बीच व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला परिसर में लंबे समय से पानी भरा हुआ है और इसी बदहाल स्थिति के बीच पिछले करीब एक माह में कई गोवंशों की मौत हो चुकी है। गौशाला परिसर की स्थिति से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें जलभराव और मृत गोवंश दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
जिस परिसर में गोवंशों को रहना है, वहीं भरा है पानी
ग्रामीणों के मुताबिक, गौशाला के उस हिस्से में भी पानी जमा है जहां गोवंशों को बांधकर रखा जाता है। लगातार जलभराव के कारण गोवंशों को खड़े रहने और आराम करने के लिए सूखी जगह उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में हालात और अधिक खराब हो गए हैं, जिससे गोवंशों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने मौतों को लेकर उठाए सवाल
ग्रामीणों ने दावा किया कि पिछले लगभग एक महीने में कई गोवंशों की मौत हुई है। हालांकि, मृत गोवंशों की सटीक संख्या और मौत के चिकित्सकीय कारण की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में मौतों के कारणों को लेकर पशु चिकित्सा जांच और प्रशासनिक सत्यापन महत्वपूर्ण होगा। वायरल वीडियो में दिखाई दे रही परिस्थितियों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
सचिव ने माना—व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत
मामले को लेकर संवाददाता ने उमर्दा के ग्राम पंचायत सचिव जय प्रकाश वर्मा से बातचीत की। उनके अनुसार, उनकी जॉइनिंग अगस्त में हुई है और जिस स्थान पर अस्थायी गौशाला बनाई गई है, वह ऐसी जगह है जहां बारिश के दौरान पानी भर जाता है। सचिव ने बताया कि व्यवस्थाओं को धीरे-धीरे सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।सचिव के अनुसार, गौशाला में अव्यवस्थाओं के कारण कुछ गोवंशों की मृत्यु हुई है। उनके इस बयान के बाद गौशाला की मौजूदा व्यवस्था, जलनिकासी और गोवंशों की देखभाल को लेकर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग और महत्वपूर्ण हो गई है।
कन्नौज की अन्य गौशालाओं में भी सामने आ चुकी है जलभराव की समस्या
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कन्नौज की अन्य गोशालाओं में भी बरसात के दौरान अव्यवस्थाओं की खबरें सामने आई हैं। हाल ही में अनौगी और पुरसा गोशालाओं के निरीक्षण में जलभराव, सफाई की कमी और चारे से जुड़ी समस्याएं सामने आने की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। अधिकारियों ने संबंधित व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे।वहीं, बारिश के मौसम में गोवंश आश्रय स्थलों की स्थिति को लेकर कन्नौज प्रशासन ने भी बीडीओ को अस्थायी आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अब प्रशासनिक जांच से साफ होगी तस्वीर
उमर्दा की अस्थायी गौशाला में वायरल वीडियो और ग्रामीणों के आरोपों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वहां कितने गोवंश संरक्षित हैं, पिछले एक माह में कितने गोवंशों की मृत्यु हुई, उनकी मृत्यु का वास्तविक कारण क्या था और जलभराव से निपटने के लिए अब तक क्या इंतजाम किए गए हैं। इन बिंदुओं पर प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग की जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।ग्रामीणों की मांग है कि गौशाला का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर जलनिकासी, साफ-सफाई, चारा, पीने के पानी और गोवंशों के स्वास्थ्य की व्यवस्था की जांच की जाए, ताकि बरसात के दौरान किसी और गोवंश की जान खतरे में न पड़े।






