
कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे के बाद ऐसा मामला सामने आया, जिसने पुलिस और जांच एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया। सकरावा थाना प्रभारी की सरकारी कार से टकराई ब्रेजा कार की तलाशी में पीली धातु की 10 ईंटें मिलने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर इन्हें सोने के बिस्किट बताए जाने की चर्चा है, हालांकि पुलिस ने अभी इनकी वास्तविकता की पुष्टि नहीं की है। मामले में कार सवार दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
रात करीब दो बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सकरावा थाना प्रभारी भागमल सिंह शुक्रवार रात करीब दो बजे अपने हमराह सिपाही योगेंद्र कुमार, मोहन दिवाकर और महिला सिपाही रितु चाहर के साथ शांति व्यवस्था ड्यूटी से कन्नौज लौट रहे थे। सरकारी वाहन सिपाही लोकेंद्र सिंह चला रहे थे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर निकवा गांव के पास किलोमीटर संख्या 171 पर पीछे से आई एक ब्रेजा कार ने पुलिस की सरकारी कार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि उसमें सवार पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे।
कार की तलाशी में मिलीं 10 पीली धातु की ईंटें
हादसे के बाद पुलिस ने टक्कर मारने वाली ब्रेजा कार की जांच की। तलाशी के दौरान एक बैग में पीली धातु की 10 ईंटें मिलने की बात सामने आई। खबरों के अनुसार इनका कुल वजन करीब 10 किलोग्राम बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस स्तर पर अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बरामद धातु वास्तव में सोना है या कोई अन्य धातु।
महराजगंज और नेपाल से जुड़े बताए जा रहे कार सवार
पुलिस ने कार सवार दो युवकों को हिरासत में लिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक दोनों की पहचान महराजगंज और नेपाल निवासी के रूप में बताई जा रही है। पुलिस उनसे बरामद धातु के संबंध में पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी मात्रा में पीली धातु कहां से लाई गई और इसे कहां ले जाया जा रहा था।
जीएसटी टीम ने शुरू की जांच
मामले की सूचना जीएसटी टीम को भी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जीएसटी टीम ने बरामद धातु और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में युवकों द्वारा बरामद धातु से संबंधित आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसियां धातु की वास्तविक प्रकृति, उसके स्रोत, स्वामित्व और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं।
सोना है या कोई दूसरी धातु, जांच के बाद होगा साफ
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बैग से बरामद 10 ईंटें वास्तव में सोने की हैं या किसी अन्य पीली धातु की। अभी तक आधिकारिक तौर पर इन्हें सोना घोषित नहीं किया गया है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले बरामदगी को सोने की तस्करी कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों की जांच रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






