
संवाद 24 झारखंड। चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है, जहां एक भीषण नक्सली हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। पश्चिमी सिंहभूम (कोल्हान) क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) दस्ते ने सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाकर एके-47 और आधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस घातक हमले में जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बाल-बाल बच गए। सुरक्षाबलों की त्वरित जवाबी कार्रवाई के बाद इलाके से एक इनामी और कुख्यात माओवादी कमांडर को हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है।
जंगल में घात लगाकर किया गया था हमला
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को घने जंगलों में शीर्ष माओवादी नेताओं और कमांडरों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद एसपी के नेतृत्व में सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने जंगल में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षाबलों को अपनी ओर बढ़ते देख पहले से घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उन पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को भारी नुकसान पहुंचाने के मकसद से स्वचालित हथियारों से लगातार गोलियां बरसाईं। हालांकि, अग्रिम पंक्ति में मौजूद जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। सुरक्षाबलों के कड़े प्रतिरोध और सटीक जवाबी हमले के आगे माओवादी दस्ते के पैर उखड़ गए और वे घने जंगलों व दुर्गम पहाड़ियों का फायदा उठाकर पीछे हटने लगे।
कुख्यात माओवादी कमांडर गिरफ्तार, भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई गंभीर वारदातों में वांछित और शीर्ष संगठन से जुड़े कुख्यात माओवादी कमांडर को दबोच लिया गया। पकड़े गए नक्सली कमांडर के पास से आधुनिक हथियार, एके-47 की मैगजीन, जिंदा कारतूस, वायरलेस सेट, दैनिक उपयोग के सामान और संगठन से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार माओवादी इलाके में सुरक्षाबलों पर हमलों, सड़क निर्माण कार्य में बाधा डालने, आईईडी विस्फोटों और लेवी वसूली जैसे कई संगीन मामलों में लंबे समय से सक्रिय था। उसकी गिरफ्तारी को क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क की कमर तोड़ने वाली एक बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।
जंगलों में सर्च ऑपरेशन और कॉम्बिंग तेज
घटना के तुरंत बाद पूरे कोल्हान और सीमावर्ती वन क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जंगलों में छिपे अन्य नक्सलियों की धरपकड़ के लिए बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड के साथ संयुक्त कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है, ताकि नक्सलियों द्वारा रास्तों में बिछाए गए किसी भी संभावित आईईडी या जाल को निष्क्रिय किया जा सके। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षाबलों के हौसले पूरी तरह से बुलंद हैं और क्षेत्र को नक्सलमुक्त करने तक यह सघन अभियान बिना रुके लगातार जारी रहेगा।






