
संवाद 24 डेस्क। उत्तर भारतीय खान-पान में छोले-कुलचे एक बेहद लोकप्रिय और स्वादिष्ट व्यंजन है। मसालेदार, चटपटे और सुगंधित छोले जब नरम कुलचे के साथ परोसे जाते हैं, तो साधारण सामग्री से तैयार यह भोजन खास बन जाता है। घर पर छोले-कुलचे बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात है—चनों को अच्छी तरह पकाना, मसालों को सही समय तक भूनना और कुलचे को नरम रखना। लगभग चार लोगों के लिए नीचे दी गई मात्रा उपयुक्त है।
पहले जान लें पूरी सामग्री
छोले के लिए सामग्री
- काबुली चना – 250 ग्राम
- पानी – आवश्यकता अनुसार
- नमक – 1 से 1½ चम्मच या स्वादानुसार
- प्याज – 2 मध्यम, बारीक कटे
- टमाटर – 2 मध्यम, बारीक कटे या प्यूरी
- अदरक – 1 इंच, बारीक कटा या कद्दूकस
- लहसुन – 5–6 कलियां, बारीक कटी
- हरी मिर्च – 2, बारीक कटी
- तेल – 2 बड़े चम्मच
- जीरा – 1 चम्मच
- हल्दी – ½ चम्मच
- धनिया पाउडर – 1½ चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – ½ से 1 चम्मच
- गरम मसाला – ½ चम्मच
- अमचूर पाउडर – 1 चम्मच
- चना मसाला – 1 से 1½ चम्मच
- कसूरी मेथी – 1 चम्मच
- हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच, बारीक कटा
- नींबू का रस – 1 बड़ा चम्मच, स्वादानुसार
कुलचे के लिए सामग्री
- मैदा – 250 ग्राम
- दही – ½ कप
- तेल – 1 बड़ा चम्मच
- बेकिंग पाउडर – ½ चम्मच
- बेकिंग सोडा – ¼ चम्मच
- नमक – ½ चम्मच
- चीनी – 1 चम्मच, वैकल्पिक
- गुनगुना पानी – लगभग ½ कप, आवश्यकता अनुसार
- कलौंजी या तिल – 1–2 चम्मच
- हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच, बारीक कटा
- घी या मक्खन – 2 बड़े चम्मच, सेंकने और लगाने के लिए
चनों की तैयारी से शुरू होती है असली प्रक्रिया
काबुली चनों को साफ करके दो-तीन बार पानी से धो लें। अब उन्हें पर्याप्त पानी में 8–10 घंटे या रातभर भिगोकर रखें। चनों के फूलने के लिए बर्तन में पर्याप्त पानी होना चाहिए। भिगोने के बाद पानी निकालकर चनों को एक बार फिर धो लें। यह चरण महत्वपूर्ण है, क्योंकि अच्छी तरह भीगे चने अपेक्षाकृत जल्दी और समान रूप से पकते हैं।
अब चनों को प्रेशर कुकर में डालें। लगभग 3 से 4 कप पानी और 1 चम्मच नमक डालकर पकाएं। कुकर में सामान्यतः मध्यम आंच पर पर्याप्त समय तक पकाने के बाद चने नरम हो जाने चाहिए। सटीक समय चने की गुणवत्ता और कुकर के अनुसार बदल सकता है। तैयार चना इतना नरम होना चाहिए कि उसे चम्मच या उंगलियों से आसानी से दबाया जा सके, लेकिन उसके दाने पूरी तरह बिखरे हुए न हों।
मसालों की खुशबू से तैयार होगा छोले का आधार
एक कड़ाही में 2 बड़े चम्मच तेल गर्म करें। तेल गर्म होने पर 1 चम्मच जीरा डालें। जीरा चटकने लगे तो बारीक कटा प्याज डालें। प्याज को मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक भूनें। अब इसमें अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालकर लगभग एक मिनट भूनें।
इसके बाद कटे हुए टमाटर डालें। साथ में ½ चम्मच हल्दी, 1½ चम्मच धनिया पाउडर और ½–1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालें। मसाले को मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक टमाटर अच्छी तरह गल न जाए और मसाले से कच्ची खुशबू समाप्त न हो जाए। मसाला भूनते समय आवश्यकता हो तो एक-दो चम्मच पानी डाल सकते हैं, ताकि वह कड़ाही में चिपके नहीं।
अब आएगा छोले में असली चटपटा स्वाद
जब मसाला अच्छी तरह पक जाए तो इसमें उबले हुए चने डाल दें। चनों को मसाले के साथ अच्छी तरह मिलाएं। अब चने का बचा हुआ पानी या लगभग 1–1½ कप गर्म पानी डालकर मिश्रण को पकने दें। यदि आपको गाढ़े छोले पसंद हैं तो पानी कम रखें।
छोलों को लगभग 10–15 मिनट धीमी से मध्यम आंच पर पकाने से मसाले चनों में अच्छी तरह समा जाते हैं। इस दौरान कुछ चनों को चम्मच से हल्का दबाया जा सकता है। इससे ग्रेवी प्राकृतिक रूप से गाढ़ी होती है और छोले अधिक स्वादिष्ट लगते हैं।
अब 1–1½ चम्मच चना मसाला, ½ चम्मच गरम मसाला, 1 चम्मच अमचूर और 1 चम्मच कसूरी मेथी डालें। सबको मिलाकर कुछ मिनट पकाएं। अंत में स्वाद के अनुसार नमक और 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस डालें। ऊपर से हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें।
कुलचे का आटा कैसे बनेगा नरम और मुलायम?
अब कुलचे की तैयारी शुरू करें। एक बड़े बर्तन में 250 ग्राम मैदा लें। इसमें ½ चम्मच नमक, ½ चम्मच बेकिंग पाउडर और ¼ चम्मच बेकिंग सोडा डालें। चाहें तो एक चम्मच चीनी भी मिला सकते हैं। अब इसमें ½ कप दही और 1 बड़ा चम्मच तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
धीरे-धीरे गुनगुना पानी डालते हुए नरम आटा गूंथें। पानी एक साथ डालने के बजाय थोड़ा-थोड़ा डालना बेहतर है, क्योंकि मैदा और दही की नमी के अनुसार पानी की आवश्यकता बदल सकती है। आटा तैयार होने के बाद उसे हल्के तेल से चिकना करके ढक दें और कम से कम 1 घंटे के लिए रख दें।
कुलचे को दें मनचाहा आकार
आराम दिए हुए आटे को चार से छह बराबर भागों में बांटें। प्रत्येक भाग की लोई बनाएं। साधारण कुलचा बनाना हो तो लोई को बेलकर गोल या हल्का अंडाकार आकार दें। इसके ऊपर थोड़ी कलौंजी, तिल और कटा हरा धनिया लगाएं।
यदि प्याज वाला कुलचा बनाना हो तो 1 मध्यम प्याज, 1–2 हरी मिर्च, थोड़ा हरा धनिया और चुटकी भर चाट मसाला मिलाकर भरावन तैयार किया जा सकता है। लोई में भरावन रखें, किनारों को बंद करें और फिर हल्के हाथ से बेलें। बहुत अधिक दबाव डालने से कुलचा कड़ा हो सकता है, इसलिए इसे धीरे-धीरे आकार देना बेहतर है।
तवे पर कुलचा पकाने की सही तकनीक
तवे को मध्यम आंच पर अच्छी तरह गर्म करें। कुलचे की एक तरफ हल्का पानी लगाकर उसे तवे पर रखें। कुलचे की सतह पर छोटे बुलबुले आने लगें और नीचे हल्के भूरे निशान दिखाई देने लगें तो उसे पलटें। दोनों तरफ अच्छी तरह सिकने के बाद कुलचे को तवे से उतार लें।
पकते समय आंच बहुत तेज रखने से बाहरी सतह जल्दी काली पड़ सकती है जबकि अंदर का हिस्सा पर्याप्त नहीं पक पाएगा। इसलिए मध्यम आंच और नियंत्रित तापमान बेहतर परिणाम देता है। तैयार कुलचे पर थोड़ा घी या मक्खन लगाएं और उन्हें कपड़े या ढक्कन से ढककर रखें, ताकि वे जल्दी सूखें नहीं।
प्लेट में आए तो रंग और स्वाद दोनों खिल उठें
गरम छोले एक कटोरे में निकालें। ऊपर से हरा धनिया डालें। साथ में कटे हुए प्याज, नींबू के टुकड़े, हरी चटनी और चाहें तो इमली की मीठी-खट्टी चटनी परोसें। कुलचों को गर्मागर्म साथ रखें।
कुछ लोग छोले के ऊपर थोड़ा चाट मसाला, भुना जीरा पाउडर या बारीक कटी हरी मिर्च डालना पसंद करते हैं। हालांकि मसालों की अतिरिक्त मात्रा स्वादानुसार ही रखनी चाहिए, क्योंकि मूल छोले में पहले से पर्याप्त मसाले होते हैं।






