
संवाद 24 लखनऊ। राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में मंगलवार शाम सावन महोत्सव के दौरान झूला टूटने से बड़ा हादसा हो गया। तेज गति से चल रहे झूले की एक बकेट अचानक टूटकर नीचे आ गिरी और उसकी चपेट में कई लोग आ गए। हादसे में तीन भाई-बहन समेत पांच लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को तत्काल सुषमा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो घायलों का इलाज जारी है। एक घायल किशोरी के शरीर में कई फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। हादसा मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे गाजीपुर थाना क्षेत्र में आयोजित इंदिरानगर सावन महोत्सव के दौरान हुआ। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। घटना के बाद झूले बंद करा दिए गए।
अचानक टूटी झूले की बकेट, किशोरी के चेहरे पर लगी
जानकारी के मुताबिक, विभूतिखंड क्षेत्र के विजयीपुर निवासी सूर्या सिंह अपने भाई-बहनों और दोस्तों के साथ सावन महोत्सव में पहुंचे थे। करीब 15 मिनट बाद सभी झूला झूलने चले गए।झूला चलने के दौरान अचानक उसकी एक बकेट टूटकर नीचे की ओर आ गई। टूटे हुए हिस्से की चपेट में 14 वर्षीय अंकिता सिंह आ गईं। बकेट उनके चेहरे और मुंह पर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके बाद उसी टूटे हिस्से की चपेट में उनकी बहन नैंसी और विमालनगर निवासी 16 वर्षीय निशा कुमारी समेत अन्य लोग भी आ गए।
‘झूला रोकने को कहा, लेकिन नहीं रोका’
घायल सूर्या सिंह और उनके परिजनों ने झूला संचालक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बकेट टूटने के बाद उन्होंने संचालक से तत्काल झूला रोकने के लिए कहा, लेकिन आरोप के मुताबिक झूला कुछ देर तक चलता रहा।परिजनों का दावा है कि झूला नहीं रुकने के कारण टूटे हुए हिस्से की चपेट में और लोग भी आते रहे। कुछ देर बाद झूला रुका और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद झूला संचालक मौके से निकल गया। हालांकि, संचालक की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर फिलहाल कोई स्वतंत्र आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सुषमा अस्पताल में पांच घायल पहुंचे
हादसे के बाद पांच घायलों को सुषमा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि दो का इलाज जारी है। रिपोर्टों के मुताबिक, अंकिता और नैंसी का इलाज चल रहा है। एक घायल किशोरी के शरीर में मल्टीपल फ्रैक्चर पाए गए हैं। दूसरी घायल की जांच रिपोर्ट आने के बाद उसकी स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है।
परिवार ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद घायलों के परिजनों ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि झूले के संचालन से पहले पर्याप्त सुरक्षा जांच नहीं की गई और आपात स्थिति में झूला रोकने की व्यवस्था भी प्रभावी नहीं थी। परिजनों ने घटना की विस्तृत जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हादसे के बाद सभी झूले बंद
घटना के बाद सावन महोत्सव में लगे झूलों को बंद करा दिया गया। हादसे ने मनोरंजन के लिए लगाए जाने वाले अस्थायी झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ जांच का विषय यह होगा कि झूले की बकेट किस वजह से टूटी? क्या उसमें तकनीकी खराबी थी, उसकी नियमित जांच हुई थी, उसकी भार क्षमता निर्धारित सीमा के भीतर थी या संचालन के दौरान किसी सुरक्षा मानक की अनदेखी हुई। पुलिस और प्रशासन की जांच में झूले की तकनीकी जांच, मौके से उपलब्ध साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और आयोजन संबंधी अनुमति दस्तावेज महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हादसे ने फिर उठाया मेले की सुरक्षा का सवाल
लखनऊ जैसे बड़े शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में परिवार और बच्चे मेले में पहुंचते हैं। ऐसे में झूलों की सुरक्षा केवल आयोजनकर्ता की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संबंधित अनुमति और निरीक्षण व्यवस्था से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इंदिरानगर की इस घटना में राहत की बात यह है कि अभी तक किसी व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं है। हालांकि, एक किशोरी के कई फ्रैक्चर होने और अन्य लोगों के घायल होने से हादसे की गंभीरता कम नहीं होती। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घायलों के परिजनों की ओर से तहरीर दिए जाने और जांच आगे बढ़ने के बाद यह स्पष्ट होगा कि हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है और झूले में तकनीकी या संचालन संबंधी कोई गंभीर लापरवाही हुई थी या नहीं।






