फर्रुखाबाद में भारी बारिश से जलभराव: अस्पताल, हाईवे और रेलवे ट्रैक पर भरा पानी

संवाद 24 फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद में रविवार सुबह हुई तेज बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। तड़के करीब चार बजे शुरू हुई बूंदाबांदी सुबह आठ बजे के आसपास झमाझम बारिश में बदल गई। करीब दो घंटे तक लगातार हुई बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों से लेकर प्रमुख सड़कों, अस्पताल परिसर और रेलवे ट्रैक तक जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा।

बारिश का असर केवल शहर की गलियों तक सीमित नहीं रहा। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल परिसर, इटावा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग, फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मुख्य मार्ग और कानपुर-फर्रुखाबाद रेलवे ट्रैक तक पानी पहुंच गया। फतेहगढ़ और फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशनों के बीच नेकपुर पुल के नीचे करीब 150 मीटर रेल ट्रैक पानी में डूब गया, जिसके चलते ट्रेनों को सावधानी बरतते हुए धीमी गति यानी कासन देकर निकाला गया।

लोहिया महिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर और गैलरी में भरा पानी

भारी बारिश का असर जिले के सबसे प्रमुख सरकारी चिकित्सा केंद्र डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पर भी पड़ा। लोहिया महिला अस्पताल की इमरजेंसी के गेट के बाहर पानी जमा हो गया। अस्पताल की अंदरूनी गैलरी तक करीब आधा फीट पानी पहुंच गया। मरीजों के साथ अस्पताल पहुंचे तीमारदारों को इसी गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ा। बारिश के कारण अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई। जलभराव के बाद अस्पताल प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों को मौके पर लगाया और पानी निकालने का काम शुरू कराया। प्रारंभिक तौर पर जलभराव का कारण अस्पताल परिसर की नालियों का चोक होना बताया गया। बारिश का पानी पर्याप्त तेजी से बाहर नहीं निकल पाने के कारण परिसर में पानी जमा होता चला गया। लोहिया पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर भी पानी भर गया। ऐसे में गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने वाले परिजनों और एंबुलेंस से आने-जाने वाले लोगों के सामने भी अतिरिक्त परेशानी खड़ी हुई।

नेकपुर पुल के नीचे 150 मीटर रेलवे ट्रैक पानी में डूबा

बारिश का सबसे गंभीर असर रेल यातायात पर दिखाई दिया। फतेहगढ़ और फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन के बीच नेकपुर पुल के नीचे करीब 150 मीटर रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के बाद ट्रेनों की गति कम कर दी गई। ट्रेनों को कासन देकर सावधानीपूर्वक निकाला गया, ताकि जलभराव वाले हिस्से से गुजरते समय किसी प्रकार की दुर्घटना का खतरा न रहे। रेलवे लाइन पर पानी जमा होना इस क्षेत्र के लिए नया नहीं है। इससे पहले जुलाई में भी जोरदार बारिश के बाद नेकपुर स्थित रेल लाइन पर जलभराव की स्थिति बनी थी और रेल कर्मचारियों को पानी निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी थी। बारिश की तीव्रता और जलभराव को देखते हुए रेलवे ट्रैक की स्थिति पर लगातार निगरानी रखना जरूरी हो गया है, क्योंकि ट्रैक पर पानी की मात्रा बढ़ने की स्थिति में ट्रेनों की गति और परिचालन पर और प्रभाव पड़ सकता है।

पांचालघाट चौराहे के पास हाईवे पर पानी

इटावा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पांचालघाट चौराहे के पास भी बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया। हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर जलभराव होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी के बीच से गुजरने के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। कुछ स्थानों पर पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से निकलना पड़ा। फर्रुखाबाद में पहले भी तेज बारिश के दौरान पांचालघाट मार्ग और आसपास के हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। जुलाई की बारिश के दौरान पांचालघाट मार्ग, फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मुख्य मार्ग और नेकपुर-मसेनी रोड समेत कई प्रमुख मार्ग प्रभावित हुए थे।

भोलेपुर में डेढ़ फीट तक पानी, बाइक सवार परेशान

फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मुख्य मार्ग पर भी कई जगह बारिश का पानी जमा हो गया। भोलेपुर में सड़क पर करीब डेढ़ फीट तक पानी भर गया। इस कारण पैदल राहगीरों के साथ बाइक और स्कूटी सवारों को भी काफी परेशानी हुई। पानी अधिक होने के कारण कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। वाहन चालकों को मजबूर होकर बाइक पानी से बाहर खींचनी पड़ी।जलभराव वाले मार्गों पर वाहन चालकों को सड़क के गड्ढों और खुले मैनहोल जैसी संभावित समस्याओं को लेकर भी सावधान रहना पड़ा।

मदारबाड़ी में दो फीट तक पानी, लोग खुद जुटे नाला साफ करने में

शहर के मदारबाड़ी मोहल्ले में बारिश के बाद स्थिति और गंभीर दिखाई दी। यहां सड़क पर करीब दो फीट तक पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण लोगों के घरों और दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों को जब जलनिकासी धीमी दिखाई दी तो कुछ लोग खुद नाली की सफाई में जुट गए। लोगों का कहना था कि यदि नालियां साफ हों और पानी की निकासी का रास्ता खुला रहे तो जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कई वाहन पानी में फंस गए। कुछ बाइक सवारों की मोटरसाइकिलें पानी में बंद हो गईं, जिसके बाद उन्हें पानी के बीच से वाहन खींचकर बाहर निकालना पड़ा।

गल्ला मंडी के पास भी मुख्य सड़क बनी जलाशय

मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में गल्ला मंडी के पास मुख्य सड़क पर भी भारी जलभराव हुआ। यहां सड़क पर जमा पानी के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह रही कि सड़क और नाली का अंतर कई स्थानों पर दिखाई नहीं दे रहा था। पानी की अधिक मात्रा के कारण पैदल चलने वाले लोगों को काफी सावधानी से रास्ता पार करना पड़ा।व्यापारिक क्षेत्र होने के कारण यहां जलभराव का सीधा असर दुकानदारों और ग्राहकों की आवाजाही पर भी पड़ा।

बीबीगंज, केशवनगर और नेकपुर कला में भी परेशानी

शहर के बीबीगंज, केशवनगर जाने वाले रास्ते और नेकपुर कला क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। सिटी पब्लिक स्कूल की ओर जाने वाले रास्ते पर करीब एक फीट पानी जमा होने से स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों के आवागमन में परेशानी हुई।बारिश के दौरान स्कूल जाने वाले रास्तों पर पानी जमा होने से अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई। दोपहिया वाहनों के लिए पानी के बीच से निकलना जोखिम भरा रहा, जबकि पैदल लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।

आवास विकास कॉलोनी भी जलभराव से अछूती नहीं

फर्रुखाबाद की आवास विकास कॉलोनी में भी बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। अपेक्षाकृत विकसित माने जाने वाले इस इलाके में जलभराव से राहगीरों को परेशानी हुई। बारिश रुकने के बाद भी कई स्थानों पर पानी लंबे समय तक जमा रहा। इससे यह सवाल फिर उठ खड़ा हुआ कि शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए बनाए गए नाले और ड्रेनेज सिस्टम तेज बारिश के दौरान कितने प्रभावी हैं।

हर साल बारिश में सामने आती है जलनिकासी की समस्या

फर्रुखाबाद में बारिश के बाद जलभराव की समस्या लगातार सामने आती रही है। जून में तेज बारिश के दौरान भी मदारबाड़ी समेत शहर के करीब एक दर्जन मोहल्लों में पानी भर गया था। पांचालघाट की मुख्य सड़क पर भी जलभराव के कारण लोगों को परेशानी हुई थी। जुलाई में मानसून की झमाझम बारिश के दौरान भी साहबगंज चौराहा, खटकपुरा, तलैया मोहल्ला, लाल सराय, गंगानगर और आवास विकास कॉलोनी सहित कई इलाकों में पानी भरने की खबरें सामने आई थीं। फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मुख्य मार्ग और कई अन्य प्रमुख रास्तों पर भी यातायात प्रभावित हुआ था।इससे साफ है कि समस्या केवल एक दिन की बारिश तक सीमित नहीं है। शहर में तेज बारिश के दौरान जलनिकासी क्षमता और नालों की सफाई को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

मौसम विभाग ने यूपी में बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी

रविवार को हुई बारिश ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 16 से 18 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है और 19 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। कई जिलों के लिए अलर्ट भी जारी किए गए हैं। क्षेत्रीय मौसम विशेषज्ञों के अनुसार कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी अगले दो-तीन दिनों तक रुक-रुककर बारिश और बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। ऐसे में फर्रुखाबाद में पहले से जमा पानी की निकासी और नए जलभराव को लेकर नगर प्रशासन के सामने चुनौती बनी रहेगी।

गंगा के बढ़े जलस्तर के बीच बारिश ने बढ़ाई चिंता

फर्रुखाबाद पहले से ही गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का सामना कर रहा है। जिले के तटीय क्षेत्रों में गंगा के बढ़े जलस्तर से कई गांव प्रभावित रहे हैं और प्रशासन ने बाढ़ प्रबंधन के लिए चौकियां तथा राहत व्यवस्था सक्रिय की है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी बाढ़ राहत प्रबंधन से संबंधित योजनाएं और आपदा प्रबंधन दस्तावेज उपलब्ध हैं। ऐसे में लगातार बारिश शहर के जलभराव के साथ-साथ नदी और नालों के जलस्तर पर भी असर डाल सकती है। शहरी जलभराव और ग्रामीण बाढ़—दोनों परिस्थितियों को देखते हुए अगले कुछ दिन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

जलनिकासी व्यवस्था की परीक्षा

रविवार की बारिश ने फर्रुखाबाद में जलनिकासी व्यवस्था की एक बार फिर परीक्षा ले ली। अस्पताल, रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख शहर की सड़कों तक पानी पहुंचने से स्पष्ट है कि भारी बारिश के दौरान शहर का ड्रेनेज नेटवर्क दबाव में आ जाता है।

फिलहाल सबसे जरूरी चुनौती जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की जल्द निकासी, रेलवे ट्रैक की निगरानी और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षित यातायात बनाए रखना है। यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहता है, तो प्रशासन को नालों की सफाई, पंपिंग व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ानी होगी। रविवार की बारिश ने शहरवासियों को राहत से ज्यादा परेशानी दी। अब नजर इस बात पर है कि मौसम का अगला दौर फर्रुखाबाद के लिए कितना भारी पड़ता है और प्रशासन जलभराव की समस्या से निपटने के लिए कितनी तेजी से कदम उठाता है।

Samvad 24 Office
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