
सौरिख। देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को समर्पित तिरंगा यात्रा सोमवार को सौरिख क्षेत्र में निकाली गई। उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा राज्यमंत्री एवं तिर्वा विधायक कैलाश सिंह राजपूत के नेतृत्व में आयोजित यात्रा में क्षेत्र के नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए विद्यार्थियों की अनुशासित भागीदारी यात्रा का प्रमुख आकर्षण रही।
तिरंगे के साथ सड़कों पर दिखा देशभक्ति का उत्साह
यात्रा सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई। एमएसए एजुकेशन, सरदापुर, सौरिख के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ इसमें भाग लिया। विद्यार्थी हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ यात्रा में आगे बढ़े। यात्रा के दौरान वातावरण राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता के संदेश से ओतप्रोत दिखाई दिया।
नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी यात्रा
तिरंगा यात्रा सौरिख नगर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरी और दोपहर बाद इसका समापन हुआ। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों की अनुशासित उपस्थिति लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश के प्रति नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा।
विद्यालय प्रबंधन और स्टाफ ने भी बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में विद्यालय के कोऑर्डिनेटर डॉ. पीयूष सक्सेना, प्रधानाचार्य मुबीन अख्तर, ऋषि भूमि इंटर कॉलेज के प्रवक्ता विनोद शुक्ला तथा निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र शाक्य सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। शिक्षकों और विद्यार्थियों की सहभागिता ने यात्रा को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तिरंगा केवल पहचान नहीं, हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक’
विद्यालय के प्रधानाचार्य मुबीन अख्तर ने कहा कि तिरंगा केवल देश की पहचान नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता, सम्मान और राष्ट्र के प्रति नागरिकों के कर्तव्य का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में देशप्रेम के साथ-साथ अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं।
राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश लेकर आगे बढ़ी यात्रा
सौरिख की तिरंगा यात्रा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान समाज को एकता के सूत्र में बांधने का प्रभावी माध्यम है। विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने आयोजन को जनसहभागिता का रूप दिया। कन्नौज में इससे पहले भी विभिन्न अवसरों पर तिरंगा यात्राओं में विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली है।






