
उमर्दा विकासखंड की उमरन ग्राम पंचायत में बारिश के बाद एक बार फिर कीचड़ और जलभराव की समस्या गहरा गई है। गांव की कई गलियां पानी और कीचड़ से भर जाने के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार बनी हुई है और कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने लगाए विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप
गांव के कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत क्षेत्र में विकास कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं हुए। उनका कहना है कि यदि पिछले वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि योजनाओं का लाभ जमीन पर पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं देता। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संवाद 24 नहीं करता।
जलभराव से बढ़ी संक्रामक बीमारियों की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दौरान गलियों में लंबे समय तक जलभराव रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे मलेरिया, डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अधिकारियों से लगाई स्थायी समाधान की गुहार
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की नालियों, सड़कों और जल निकासी व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वे उच्च अधिकारियों से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग करेंगे।
सेक्रेटरी बोले— जल्द होगा समाधान
ग्राम पंचायत सचिव जयप्रकाश ने बताया कि उमरन गांव में जलभराव की समस्या लंबे समय से संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों के स्तर पर इस समस्या के समाधान की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कर स्थायी समाधान का प्रयास किया जाएगा।






