
कन्नौज जिले की उमर्दा ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत संचालित सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो रही, जिससे गांव की कई गलियों और बस्तियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है तथा गंदगी के कारण लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पंचायत परिसर में खड़ी हैं कूड़ा संग्रहण गाड़ियां
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत को उपलब्ध कराई गई कूड़ा संग्रहण गाड़ियां अधिकांश समय पंचायत परिसर में ही खड़ी रहती हैं और नियमित रूप से मोहल्लों तक नहीं पहुंचतीं। उनका आरोप है कि कई बस्तियों में घर-घर कचरा उठाने की व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह गई है, जबकि वास्तविकता में लोगों को स्वयं कचरे के निस्तारण की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
बरसात में बढ़ी दिक्कत, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़कों और गलियों में जमा कूड़ा बरसात के दौरान बहकर पूरे रास्ते में फैल जाता है। इससे दुर्गंध, गंदगी और जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को रोजाना इसी गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं।
सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है और नियमित कचरा संग्रहण नहीं होने से स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा गांव में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने जांच का दिया आश्वासन
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लालता प्रसाद ने ग्रामीणों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सफाईकर्मियों को प्रत्येक घर से नियमित कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।






