
संवाद 24 डेस्क। देश के मौसम मिजाज ने अचानक से एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। अगर आप अगले कुछ घंटों में घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। देश के 14 राज्यों पर इस समय आफत के बादलों का डेरा जमा हुआ है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश और असम तक के इलाकों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी से आ रही अत्यधिक नमी और सक्रिय मानसूनी तंत्र के प्रभाव के चलते देश के एक बड़े हिस्से में अगले 24 से 48 घंटे भीषण तबाही और तेज जलभराव का सबब बन सकते हैं।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में मंडराया संकट
राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी और नोएडा जैसे प्रमुख शहरों में अगले 24 घंटों के भीतर आकाशीय बिजली चमकने, गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ‘येलो और ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
IMD की मुख्य चेतावनी: बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के कारण मानसून का यह शक्तिशाली दौर कम से कम 1 अगस्त तक रुकने वाला नहीं है।
राज्य के कई इलाकों में बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका को देखते हुए विशेष रूप से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
असम में कुदरत का कहर: 78 लोगों की मौत, लाखों बेघर
पूर्वोत्तर भारत के राज्य असम से आ रही खबरें बेहद चिंताजनक हैं। वहां बाढ़ और भीषण बारिश के चलते स्थिति बेकाबू हो चुकी है।
मौतों का आंकड़ा: असम में बाढ़ की वजह से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है।
प्रभावित जिले: शिवसागर, चराईदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव, बिश्वनाथ और कामरूप (मेट्रो) समेत 7 जिले पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं।
जनजीवन अस्त-व्यस्त: 551 गांवों के लगभग 3 लाख से अधिक लोग बेघर या प्रभावित हुए हैं।
कृषि संकट: जलप्रलय के कारण 21,500 हेक्टेयर से अधिक फसल क्षेत्र पानी में डूब चुका है, जिससे किसानों का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
आम जनता और यात्रियों के लिए विशेष गाइडलाइन
मौसम के इस बदले रूप को देखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों, वाहन चालकों और खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की है:
- दोपहिया वाहन चालक: तेज हवाओं और पानी भरे रास्तों पर यात्रा करने से बचें। जलभराव वाली सड़कों पर वाहन न उतारें।
- बिजली गिरने से बचाव: आंधी या बारिश के समय ऊंचे पेड़ों, लोहे के खंभों या खुले मैदानों में शरण न लें।
- किसानों के लिए सलाह: खेतों में काम करते समय मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित व पक्के निर्माण के नीचे चले जाएं।
मानसून के इस उग्र रूप ने पूरे देश को अलर्ट मोड पर ला खड़ा किया है। मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अपडेट जारी कर रहा है।






