
कन्नौज जिले के तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में संपत्ति बेचने के नाम पर एक रिटायर्ड शिक्षक से लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने अदालत की शरण ली, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर तिर्वा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी, विश्वासघात और संपत्ति के नाम पर कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा माना जा रहा है।
30 लाख में तय हुआ था मकान का सौदा
कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र के अनुसार, ठठिया थाना क्षेत्र के गाजीपुरवा निवासी रिटायर्ड शिक्षक नरेंद्र ने बताया कि उनकी पहचान तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के कालिका नगर निवासी सतेंद्र से थी। आरोप है कि जुलाई 2022 में सतेंद्र ने अपना मकान बेचने की बात कहकर आर्थिक जरूरत का हवाला दिया। दोनों के बीच करीब 30 लाख रुपये में मकान का सौदा तय हुआ, जिसके बाद पीड़ित ने पहले बयाना और फिर अलग-अलग किश्तों में कुल 14.51 लाख रुपये अग्रिम के रूप में दे दिए।
बैनामा टलता रहा, जांच में खुला बड़ा सच
पीड़ित का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने मकान का बैनामा कराने का दबाव बनाया तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि जिस मकान को बेचने की बात कही गई थी, वह आरोपी के स्वामित्व में ही नहीं था। इसके बाद रुपये वापस मांगने पर आरोपी पक्ष द्वारा अभद्रता और मारपीट की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
समझौते में एक किस्त मिली, फिर बंद हुआ भुगतान
शिकायत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया, जिसमें आरोपियों ने प्रत्येक माह एक लाख रुपये लौटाने का आश्वासन दिया। पीड़ित के अनुसार पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये मिलने के बाद आगे कोई भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में तिर्वा पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में प्राप्त साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और आरोप सिद्ध होना अभी शेष है।






