30 जुलाई से सावन का आगाज: पांचाल घाट पर कांवड़ मेले की तैयारियां जोरों पर

संवाद 24 फर्रुखाबाद। सावन मास के शुभारंभ में अब कुछ ही दिन शेष हैं और इसके साथ ही फर्रुखाबाद का ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाला पांचाल घाट एक बार फिर आस्था के विशाल केंद्र के रूप में सजने लगा है। 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाले सावन माह को लेकर गंगा तट पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जहां एक ओर अस्थायी बाजार आकार लेने लगे हैं, वहीं दूसरी ओर दूर-दराज के जिलों से व्यापारी अपने सामान के साथ पहुंच चुके हैं। पूरे सावन माह में हजारों श्रद्धालुओं के यहां से गंगाजल भरकर विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए रवाना होने की संभावना को देखते हुए घाट पर धार्मिक, सामाजिक और व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।

आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र है पांचाल घाट
गंगा किनारे स्थित पांचाल घाट लंबे समय से जनपद और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। सावन मास के दौरान इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में कांवड़िये यहां पहुंचकर पवित्र गंगाजल भरते हैं और उसे लेकर गोला गोकर्णनाथ, स्थानीय शिवालयों तथा अन्य प्रसिद्ध शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए प्रस्थान करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है, जिसके कारण पूरे महीने घाट पर श्रद्धालुओं का निरंतर आवागमन बना रहता है।

गंगा तट से हाईवे तक सजने लगी अस्थायी बाजार की श्रृंखला
सावन मेले की तैयारियों के तहत पांचाल घाट पर नेशनल हाईवे से लेकर गंगा तट तक बांस-बल्ली और टीन शेड की सहायता से अस्थायी दुकानें तैयार की जा रही हैं। इन दुकानों में कांवड़ियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पूजा सामग्री, बेलपत्र, धतूरा, रुद्राक्ष, जलपात्र, कांवड़ सजाने का सामान, धार्मिक झंडे, प्रसाद, मिठाइयां, फल, पेयजल, खाद्य सामग्री, वर्षा से बचाव के उपकरण तथा दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएंगी। दुकानदारों का कहना है कि सावन के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगती है, इसलिए अधिकांश दुकानें समय से पहले तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

कई जिलों से पहुंचे व्यापारी, रोजगार का भी बड़ा माध्यम
पांचाल घाट का सावन मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस अवसर पर बरेली, रामपुर, हरदोई, कन्नौज सहित कई जनपदों से व्यापारी यहां पहुंच चुके हैं। स्थानीय दुकानदार भी अपनी अस्थायी दुकानें लगाने में व्यस्त हैं। व्यापारियों का मानना है कि पूरे महीने चलने वाले इस धार्मिक आयोजन से अच्छी बिक्री की उम्मीद रहती है। सावन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के कारण छोटे व्यापारियों, फेरी वालों, भोजन विक्रेताओं, खिलौना विक्रेताओं और स्थानीय परिवहन से जुड़े लोगों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

महंगाई ने बढ़ाई लागत, फिर भी कारोबार को लेकर सकारात्मक उम्मीद
इस वर्ष व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती लागत है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बांस-बल्ली, टीन शेड, तिरपाल, परिवहन, मजदूरी और दुकान लगाने के लिए आवश्यक अन्य सामग्री के दाम बढ़ गए हैं। अस्थायी दुकान तैयार करने का खर्च पहले की अपेक्षा अधिक आया है। इसके बावजूद व्यापारियों का कहना है कि सावन में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य रही तो उन्हें अच्छी बिक्री की उम्मीद है। उनका विश्वास है कि धार्मिक मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की खरीदारी से लागत निकलने के साथ उचित लाभ भी प्राप्त होगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बढ़ाई जा रही व्यवस्थाएं
सावन माह के दौरान प्रतिदिन सुबह से देर शाम तक पांचाल घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। घाट क्षेत्र में सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा भीड़ प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

धार्मिक पर्यटन को भी मिलता है बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि पांचाल घाट पर आयोजित होने वाला सावन मेला धार्मिक पर्यटन को भी नई गति देता है। सावन के दौरान आसपास के जनपदों के अलावा अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इससे स्थानीय होटल, धर्मशालाएं, परिवहन सेवाएं और छोटे व्यापारियों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलती है।

हर दिन उमड़ेगा आस्था का सैलाब
30 जुलाई से शुरू होने वाले सावन मास के साथ ही पांचाल घाट पर आस्था का रंग और गहरा हो जाएगा। भोर से ही श्रद्धालु गंगा स्नान कर पवित्र गंगाजल भरेंगे और ‘बोल बम’ तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे। पूरे सावन माह तक घाट पर धार्मिक उल्लास, श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहेगा। धार्मिक आस्था, स्थानीय व्यापार और प्रशासनिक तैयारियों के समन्वय के साथ पांचाल घाट एक बार फिर सावन के इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में यहां श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के साथ सावन मेले की रौनक अपने चरम पर पहुंचने की उम्मीद है।

Samvad 24 Office
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