
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 06 अगस्त 2026, गुरुवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – अष्टमी शाम 06:54 PM तक, तत्पश्चात् नवमी
वार – गुरुवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – भरणी रात 08:14 PM तक, तत्पश्चात् कृतिका
योग – गण्ड दोपहर 03:00 PM तक, तत्पश्चात् वृद्धि
करण – बालव प्रातः 07:53 AM तक, तत्पश्चात् कौलव शाम 06:54 PM तक, तत्पश्चात् तैतिल
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:37 AM
सूर्यास्त – 06:57 PM
चन्द्रोदय – 11:34 PM
चन्द्रास्त – दोपहर 12:48 PM
चन्द्र राशि – मेष अगले दिन (07 अगस्त) तड़के 01:53 AM तक, तत्पश्चात् वृषभ
अभिजित मुहूर्त – 11:50 AM से 12:44 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:25 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 01:57 PM से 03:37 PM तक
यमगण्ड – 05:37 AM से 07:17 AM तक
गुलिक काल – 10:04 AM से 10:57 AM तक
दुर्मुहूर्त – 10:04 AM से 10:57 AM तक एवं दोपहर 03:24 PM से 04:17 PM तक
कंटक – 03:24 PM से 04:17 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 05:10 PM से 06:04 PM तक
यमघण्ट – 06:30 AM से 07:24 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 08:57 AM से 10:37 AM तक
शुभ चौघड़िया
शुभ – 05:37 AM से 07:17 AM तक
चर – 10:37 AM से 12:17 PM तक
लाभ – 12:17 PM से 01:57 PM तक
अमृत – 01:57 PM से 03:37 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – दक्षिण
यात्रा उपाय – गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दही या जीरा खाकर अथवा देवगुरु बृहस्पति का स्मरण कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
श्रावण कृष्ण अष्टमी (कालाष्टमी / जनमाष्टमी पर्व पूर्व पीठिका)
आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज कालाष्टमी का व्रत रखकर भगवान शिव और कालभैरव जी की उपासना का विशेष महात्म्य है। गुरुवार को अष्टमी तिथि का होना ज्ञान, तंत्र-मंत्र की साधना और धार्मिक कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला माना जाता है।
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
रात 08:14 PM तक भरणी नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी शुक्र देव और अधिपति यमराज हैं। यह नक्षत्र न्याय, संयम, शुद्धि और बड़े परिवर्तन लाने का प्रतीक माना जाता है। इसके पश्चात् सूर्य के स्वामित्व वाले कृतिका नक्षत्र का आगमन होगा, जो तेज और ऊर्जा में वृद्धि करेगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरा दिन और रात (अगले दिन तड़के 01:53 AM तक) मेष राशि में संचरण करेंगे। इसके प्रभाव से जातकों में आत्मबल, साहस और निर्णय लेने की क्षमता बनी रहेगी। आज शुभ कार्यों के संपादन के लिए दोपहर के अभिजित मुहूर्त का उपयोग करना श्रेयस्कर रहेगा।

आज का राशिफल – 06 अगस्त 2026 गुरुवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा का आपकी राशि में गोचर आपके सोचे हुए कार्यों में तेजी लाएगा। कार्यक्षेत्र में आपकी पूछ-परख बढ़ेगी। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे और धन आगमन के मजबूत योग बनेंगे।
उपाय – भगवान विष्णु को पीला चंदन और तुलसी दल अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दिन के पूर्वार्ध में दौड़भाग और अनावश्यक खर्चों से मन थोड़ा चिंतित रह सकता है। धैर्य रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें। रात के बाद चन्द्रमा आपकी राशि में आने से मानसिक तनाव दूर होगा।
उपाय – केले के वृक्ष में जल चढ़ाएं और चने की दाल का दान करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आज का दिन आर्थिक रूप से अत्यंत लाभकारी रहेगा। पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का सहयोग आपको नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
उपाय – भगवान गणेश को बेसन के मोदक का भोग लगाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
नौकरी और व्यवसाय के क्षेत्र में आज शानदार सफलता मिलने के योग हैं। अधिकारी वर्ग आपके काम की सराहना करेगा। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक समाचार मिलेगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। धार्मिक यात्रा या किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
उपाय – मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें। शाम के बाद स्थितियां अनुकूल हो जाएंगी और रुका हुआ काम बनेगा।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। साझेदारी के व्यवसाय में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या श्रवण करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
प्रतिद्वंद्वियों और शत्रुओं पर आपकी विजय सुनिश्चित होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य में थोड़ा उतार-चढ़ाव संभव है, खानपान पर नियंत्रण रखें।
उपाय – हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। बुद्धि और चातुर्य से कठिन से कठिन कार्य भी आसानी से हल कर लेंगे। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
उपाय – देवगुरु बृहस्पति के मंत्र ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ का जप करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
घर-परिवार में सुख-सुविधाओं की वृद्धि होगी। भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के योग बन रहे हैं। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में दिन सामान्य रहेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को पीला अन्न या चने की दाल दान करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं हो सकती हैं।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज वाणी में सौम्यता बनाए रखें, इससे धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे। पैतृक व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़ा मुनाफा हो सकता है। परिवार में उत्साह का माहौल रहेगा।
उपाय – भगवान सत्यनारायण की कथा का श्रवण करें।
॥ शुभम भवतु ॥

