
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 04 अगस्त 2026, मंगलवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – षष्ठी रात 10:05 PM तक, तत्पश्चात् सप्तमी
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – रेवती रात 09:54 PM तक, तत्पश्चात् अश्विनी
योग – धृति शाम 07:33 PM तक, तत्पश्चात् शूल
करण – गर प्रातः 10:34 AM तक, तत्पश्चात् वणिज रात 10:05 PM तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:36 AM
सूर्यास्त – 06:58 PM
चन्द्रोदय – 10:15 PM
चन्द्रास्त – 10:41 AM
चन्द्र राशि – मीन रात 09:54 PM तक, तत्पश्चात् मेष
अभिजित मुहूर्त – 11:50 AM से 12:44 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:25 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 03:38 PM से 05:18 PM तक
यमगण्ड – 08:57 AM से 10:37 AM तक
गुलिक काल – 01:37 PM से 02:31 PM तक
दुर्मुहूर्त – 08:16 AM से 09:10 AM तक एवं रात 10:58 PM से 11:42 PM तक
कंटक – 06:29 AM से 07:23 AM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 08:16 AM से 09:10 AM तक
यमघण्ट – 10:03 AM से 10:57 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 12:17 PM से 01:57 PM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 08:57 AM से 10:37 AM तक
लाभ – 10:37 AM से 12:17 PM तक
अमृत – 12:17 PM से 01:57 PM तक
शुभ – 03:38 PM से 05:18 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो गुड़ या धनिया खाकर अथवा हनुमान जी के दर्शन कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
मंगला गौरी व्रत / गंडमूल समाप्ति
श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मंगला गौरी व्रत का विशेष संयोग रहता है। आज मंगलवार होने से देवी पार्वती और हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होगी। रात 09:54 PM तक पंचक नक्षत्र ‘रेवती’ रहेगा, जिसके समाप्त होते ही गंडमूल नक्षत्र की समाप्ति होगी। रात 10:05 PM से भद्रा (विष्टि करण) का प्रारंभ होगा।
रेवती नक्षत्र का प्रभाव
रात 09:54 PM तक रेवती नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी बुध देव हैं। यह नक्षत्र सुख, धन-समृद्धि, कला, और व्यावसायिक समझौतों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। इसके पश्चात् केतु के स्वामित्व वाले अश्विनी नक्षत्र का आगमन होगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा रात 09:54 PM तक मीन राशि में संचरण करेंगे, जिसके बाद वे अपनी मित्र राशि मेष में प्रवेश करेंगे। रात के बाद मेष राशि में चन्द्रमा का गोचर जातकों में साहस, स्फूर्ति और निर्णय लेने की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि करेगा।

आज का राशिफल – 04 अगस्त 2026 मंगलवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दिन भर खर्चों की अधिकता रह सकती है। रात 09:54 PM के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में आते ही मानसिक तनाव दूर होगा, अटके काम गति पकड़ेंगे और आत्मविश्वास लौटेगा।
उपाय – हनुमान जी को चोला या लाल सिंदूर अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
रात तक आय के स्रोतों में वृद्धि होगी और मित्रों का सहयोग मिलेगा। रात के बाद अवांछित खर्चों से बचने की सलाह दी जाती है। वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखें।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें या सुनें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
करियर और व्यापार में प्रगति का दिन है। वरिष्ठ अधिकारियों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। रात के बाद आय में वृद्धि होगी और किसी पुराने निवेश से लाभ मिलेगा।
उपाय – भगवान गणेश को बेसन के लड्डू चढ़ाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, जिससे अटके काम स्वतः बनने लगेंगे। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। रात के बाद कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में लाल चंदन मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
रात तक स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और वाहन सावधानी से चलाएं। रात के बाद स्थितियां पूरी तरह आपके पक्ष में होंगी, भाग्य का साथ मिलेगा और धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे।
उपाय – हनुमान चालीसा का 3 बार पाठ करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी और साझेदारों से लाभ होगा। रात के बाद स्वास्थ्य और लेन-देन के मामलों में थोड़ी सतर्कता बरतनी आवश्यक होगी।
उपाय – गाय को गुड़ या चना खिलाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
प्रतिद्वंद्वी और गुप्त शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर सफलता मिलेगी। रात के बाद जीवनसाथी के साथ सामंजस्य और प्रगाढ़ होगा।
उपाय – देवी लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों के लिए दिन अच्छा है। रात के बाद शत्रुओं पर आपकी विजय सुनिश्चित होगी और स्वास्थ्य में सुधार महसूस करेंगे।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी की योजना सफल होगी। रात के बाद संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा और बौद्धिक क्षमता से लाभ होगा।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपके साहस, पराक्रम और संपर्क सूत्रों में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। रात के बाद भूमि या मकान से जुड़ा रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है।
उपाय – ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आर्थिक दृष्टिकोण से दिन मजबूत रहेगा। फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। रात के बाद आपके पराक्रम और सामाजिक दायरे में बड़ी वृद्धि देखने को मिलेगी।
उपाय – पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
रात तक चन्द्रमा आपकी राशि में रहने से मानसिक स्फूर्ति बनी रहेगी। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। रात के बाद धन भाव में चन्द्रमा आने से बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

