
जलभराव से राहत दिलाने की तैयारी, प्रशासन ने परखी जमीनी हकीकत
फर्रुखाबाद में मानसून के दौरान संभावित जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत दिलाने के लिए नगर पालिका परिषद ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में गठित पर्यवेक्षणकर्ता एवं नोडल अधिकारियों ने नगर क्षेत्र के सभी 16 प्रमुख छोटे-बड़े नालों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन किया। प्रशासन का उद्देश्य वर्षा के दौरान जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और नागरिकों को जलभराव की समस्या से बचाना है।
निरीक्षण में अधिकांश नालों में मिला सामान्य जल प्रवाह
नगर पालिका परिषद के अनुसार निरीक्षण के दौरान सभी प्रमुख नालों में जल का प्रवाह सामान्य और सुचारु पाया गया। किसी भी नाले में स्थायी अवरोध नहीं मिला। हालांकि कुछ स्थानों पर फ्लोटिंग मैटेरियल (तैरता कचरा) जमा होने की स्थिति सामने आई, जिसे जेसीबी मशीनों की सहायता से लगातार हटाया जा रहा है ताकि जल निकासी बाधित न हो और भारी वर्षा के समय पानी का बहाव प्रभावित न पड़े।
मदारवाड़ी और छेदाचून वाली गली में मिला अस्थायी जलभराव
अधिशासी अधिकारी ने मदारवाड़ी, गंगानगर, छेदाचून वाली गली, तलेया फजल इमाम और लालसराय समेत कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अधिकांश स्थानों पर जलभराव नहीं मिला। केवल मदारवाड़ी और छेदाचून वाली गली में अल्पकालिक जलभराव देखा गया, जो वर्षा रुकने के लगभग आधे घंटे के भीतर स्वतः समाप्त हो गया। इससे संकेत मिला कि इन क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है।
22.7 किलोमीटर लंबे नालों की नियमित निगरानी
नगर पालिका परिषद ने बताया कि नगर क्षेत्र के लगभग 22.7 किलोमीटर लंबाई वाले 16 प्रमुख नालों की नियमित साफ-सफाई और निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लगातार निरीक्षण करने और किसी भी प्रकार के अवरोध को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले भी जिला प्रशासन ने मानसून से पूर्व नालों की सफाई अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।
नागरिकों से सहयोग की अपील
नगर पालिका परिषद ने आमजन से अपील की है कि नालों में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक अथवा अन्य अपशिष्ट सामग्री न डालें। प्रशासन का कहना है कि स्वच्छता बनाए रखने में नागरिकों का सहयोग जलभराव की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परिषद ने भरोसा दिलाया कि वर्षा ऋतु के दौरान जल निकासी व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।






