​थाईलैंड में बड़ी त्रासदी: बैंकॉक के एक पब में भीषण आग लगने से 27 लोगों की मौत, कई घायल; प्रधानमंत्री ने जताया दुख

संवाद 24 नई दिल्ली । थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से एक बेहद ही दर्दनाक और रूह कंपा देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ के एक मशहूर और बेहद व्यस्त रहने वाले पब में सोमवार तड़के अचानक भीषण आग लग गई। इस विनाशकारी अग्निकांड में कम से कम 27 लोगों की जिंदा जलने और दम घुटने से मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों में से कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिसके चलते मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने इस भयावह त्रासदी की पुष्टि करते हुए पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। राहत और बचाव दलों द्वारा जारी किए गए शुरुआती वीडियो और स्थानीय चश्मदीदों के बयानों के अनुसार, यह भयानक हादसा बैंकॉक के उत्तरी हिस्से में स्थित चाटुचक जिले के ‘रोंग बीयर ना लाट फ्राओ’ (Rong Beer Na Lat Phrao) नामक एक बेहद लोकप्रिय पब में हुआ। रविवार की देर रात और सोमवार की सुबह के संधिकाल यानी आधी रात के ठीक आसपास, जब पब संगीत और जश्न में डूबा हुआ था, तभी अचानक आग की लपटें भड़क उठीं।

लपटों के बीच मची चीख-पुकार, धुएं के गुबार से ढका आसमान
आग इतनी तेजी से फैली कि पब के भीतर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटों ने पूरी बहुमंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में चारों तरफ काले और जहरीले धुएं का गुबार छा गया। हादसे के वक्त पब के अंदर बड़ी संख्या में युवक-युवतियां और पर्यटक मौजूद थे। जैसे ही आग की लपटें मुख्य हॉल तक पहुंचीं, पब के भीतर डरे-सहमे लोगों के बीच अपनी जान बचाने के लिए भगदड़ मच गई। लोग बदहवास होकर बाहर निकलने के रास्तों की तरफ भागने लगे, लेकिन आग पब के मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entrance) के पास ही सबसे पहले भड़की थी, जिसने बाहर जाने वाले रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था।

खुद प्रधानमंत्री ने संभाली कमान, घटनास्थल पर पहुंचे
इस भीषण हादसे की खबर मिलते ही देश के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने खुद मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने वहां जारी बचाव कार्यों का जायजा लिया और इस भयानक त्रासदी में 27 लोगों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि की। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी ‘एपी’ (AP) के मुताबिक, प्रधानमंत्री चर्नविराकुल ने मीडिया से बात करते हुए इस हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा, “इस दिल दहला देने वाली घटना में अब तक सत्ताईस नागरिकों की असामयिक मृत्यु हो चुकी है। सभी घायलों को आपातकालीन स्थिति में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीमें उनका इलाज कर रही हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और इसके लिए एक उच्च स्तरीय फोरेंसिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

टॉयलेट में शरण लेना ही बन गया सबसे बड़ा काल
स्थानीय मीडिया और ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पब के भीतर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की बात सामने आ रही है। आग लगने के महज कुछ ही मिनटों के भीतर पूरा इंटीरियर धू-धू कर जल उठा। शुरुआती दौर में जब रेस्क्यू टीम अंदर दाखिल हुई, तो उन्हें प्रवेश द्वार के पास केवल एक झुलसा हुआ व्यक्ति मिला, लेकिन जैसे-जैसे दमकलकर्मी और बचाव दल इमारत के अंदरूनी हिस्सों में बढ़े, वहां का नजारा बेहद भयावह था। रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ है कि जब आग ने मुख्य हॉल को घेर लिया और बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया, तो अपनी जान बचाने के लिए दर्जनों लोगों ने पब के भीतर बने शौचालयों (Toilets) का रुख किया। उन्होंने खुद को बचाने के लिए टॉयलेट के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए, लेकिन यही फैसला उनके लिए सबसे घातक साबित हुआ। वेंटिलेशन न होने के कारण शौचालयों के भीतर पब के सिंथेटिक और फोम वाले इंटीरियर से निकला जहरीला कार्बन मोनोऑक्साइड धुआं भर गया। दम घुटने और अत्यधिक तापमान के कारण शौचालयों के भीतर ही सबसे ज्यादा लाशें बरामद हुई हैं।

महज़ आधे घंटे में सब कुछ स्वाहा, राख के ढेर में बदला पब
आपातकालीन सेवाओं को आधी रात से कुछ मिनट पहले इस आग की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही कई फायर स्टेशनों से दमकल की दर्जनों गाड़ियां और सैकड़ों दमकलकर्मी वाटर कैनन (पानी की बौछारों) के साथ मौके पर पहुंचे। भारी मशक्कत और जान जोखिम में डालकर दमकलकर्मियों ने करीब आधे घंटे के भीतर आग पर पूरी तरह काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक सब कुछ पूरी तरह तबाह हो चुका था। आग बुझने के बाद सामने आई तस्वीरें पब के भीतर मची तबाही की गवाही दे रही हैं। पब का खूबसूरत अंदरूनी हिस्सा अब पूरी तरह से काले कोयले और राख के ढेर में तब्दील हो चुका है। जली हुई मेजें, कुर्सियां और सोफे बिखरे पड़े हैं। फिलहाल, सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और मलबे के नीचे किसी और के दबे होने की आशंका के चलते सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर बैंकॉक के नाइटलाइफ़ क्लबों और पबों में फायर सेफ्टी ऑडिट और इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) की व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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