
कन्नौज के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले मेहंदीघाट के व्यापक सौंदर्यीकरण की दिशा में गुरुवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के अंतर्गत लगभग 8.48 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित परियोजना का भूमि पूजन वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस परियोजना का उद्देश्य घाट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।
दोनों मंत्रियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
भूमि पूजन कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री तथा पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना एवं आरती के बाद गंगा तट पर फावड़ा चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।
घाट पर विकसित होंगी आधुनिक पर्यटन सुविधाएं
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत घाट का जीर्णोद्धार, आकर्षक कल्चरल स्टेज, पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं, सुगम आवागमन तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। उनका कहना था कि यह विकास कार्य कन्नौज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी गति देगा।
धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक आयोजनों का बनेगा केंद्र
परियोजना पूरी होने के बाद मेहंदीघाट पर साहित्य महोत्सव, भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पठन-पाठन तथा अन्य सांस्कृतिक आयोजनों की संभावनाएं बढ़ेंगी। प्रशासन का उद्देश्य इस स्थल को केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों और स्थानीय पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करना भी है।
इतिहास और विरासत से जुड़ा है मेहंदीघाट
कार्यक्रम के दौरान मंत्री असीम अरुण ने कहा कि मेहंदीघाट का महत्व प्राचीन काल से रहा है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह ऊंचा एवं सुरक्षित तटीय क्षेत्र रहा है, जिसके कारण यहां मानव बसावट विकसित हुई। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस क्षेत्र का संबंध सम्राट हर्षवर्धन के काल से भी जोड़ा जाता है।
दीपों की रोशनी और भजनों से गूंजा घाट परिसर
भूमि पूजन के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण खींचा। कपूर एंड टीम द्वारा प्रस्तुत भजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण किया। शाम ढलते ही दीपों की रोशनी से आलोकित घाट श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य प्रस्तुत करता दिखाई दिया।
वृक्षारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम से पूर्व पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण भी किया गया। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने पीपल, ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने आम, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पाकड़, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने सहजन तथा भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने आंवला का पौधा रोपित कर हरित विकास का संदेश दिया।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना पूर्ण होने के बाद मेहंदीघाट पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है, जिससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन विकास नीति का उद्देश्य भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है।






