लखनऊ अग्निकांड के बाद यूपी में सख्ती: 7 दिन में सुधार नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई

लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर विशेष अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों में जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग और संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों, शॉपिंग मॉल, स्कूलों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण कर रही हैं। अभियान का उद्देश्य भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोकना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

सप्ताह में तीन दिन निरीक्षण, 7 दिन का अल्टीमेटम

प्रशासन द्वारा गठित टीमें प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को नियमित निरीक्षण कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा या अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में कमी पाई जा रही है, उन्हें सभी कमियां दूर करने के लिए सात दिनों का समय दिया जा रहा है। तय अवधि के भीतर मानकों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

करीब 50 संस्थानों को जारी किए गए नोटिस

अभियान के दौरान अब तक लगभग 49 से 50 संस्थानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें कोचिंग सेंटर, अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा।

फायर विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान

सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अग्निशमन विभाग ने हाल ही में एक विशेष सेमिनार का आयोजन भी किया। इसमें विभिन्न संस्थानों के संचालकों ने भाग लेकर अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा से जुड़े नियमों, फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने संचालकों की शंकाओं का समाधान करते हुए समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की अपील की।

बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियों पर भी नजर

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिस उद्देश्य के लिए भवन स्वीकृत है, उसी उपयोग के लिए उसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। विशेष रूप से बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। निरीक्षण के दौरान ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं

जिला प्रशासन ने सभी संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, सुरक्षित विद्युत वायरिंग, फायर एनओसी सहित सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियां दूर नहीं होने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध सीलिंग, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई तथा अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। अभियान का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई से अधिक जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

Anuj Singh
Anuj Singh

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