फर्रुखाबाद में दो ग्राम प्रधान पक्षों के बीच खूनी संघर्ष: विवादित जमीन पर चली गोलियां, प्रधान पति और पुत्र घायल

फर्रुखाबाद। जिले के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। विवादित जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर दो ग्राम प्रधान पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और फायरिंग तक पहुंच गया। गोली लगने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था।

निर्माण कार्य के दौरान आमने-सामने आए दोनों पक्ष

जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 11 बजे मुड़गांव के ग्राम प्रधान विवादित गाटा संख्या 818 पर निर्माण कार्य कराने पहुंचे थे। इसी दौरान निसाई ग्राम प्रधान पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। जमीन के स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक संघर्ष में बदल गई। दोनों ओर से लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया गया तथा कई राउंड फायरिंग होने का भी आरोप है। गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

प्रधान पति और पुत्र को गोली लगी, अस्पताल में इलाज जारी

संघर्ष के दौरान निसाई ग्राम प्रधान गीता चौहान के पति सत्येंद्र सिंह तथा उनके पुत्र को गोली लगने से गंभीर चोटें आईं। दोनों घायलों को तत्काल के.एम. द्विवेदी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में दोनों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

एक दिन पहले भी हुआ था विवाद

घटना की पृष्ठभूमि रविवार शाम की बताई जा रही है। आरोप है कि मुड़गांव ग्राम प्रधान रामनारायण विवादित भूमि पर खेत की जुताई करा रहे थे, तभी निसाई प्रधान पति सत्येंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और जमीन को सरकारी तथा ग्राम पंचायत की संपत्ति बताते हुए काम रुकवा दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। इसके बाद पुलिस को तहरीर दी गई और दोनों पक्षों के तीन-तीन लोगों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, लेकिन तनाव समाप्त नहीं हुआ और अगले ही दिन मामला खूनी संघर्ष में बदल गया।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही मोहम्मदाबाद थाना पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी और आसपास के थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोहम्मदाबाद, नवाबगंज और शमशाबाद थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जबकि फॉरेंसिक टीम ने मौके से खोखे सहित अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रविवार को हुई मारपीट के बाद प्रभावी और सख्त कार्रवाई की गई होती, तो सोमवार की गोलीबारी जैसी गंभीर घटना को रोका जा सकता था। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का पक्ष

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि 5 जुलाई की रात मिली तहरीर के आधार पर दोनों पक्षों के छह लोगों के विरुद्ध पहले ही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी। अब सोमवार की घटना में मिले साक्ष्यों और शिकायतों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Anuj Singh
Anuj Singh

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