
कमालगंज थाना क्षेत्र में कैंसर से पीड़ित एक युवक द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। घटना रविवार की है, जब लंबे समय से गंभीर बीमारी और उससे जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे युवक ने अपने घर में फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। समय रहते पत्नी की नजर पड़ने से उसकी जान बच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।
फतेह उल्लापुर गांव निवासी 35 वर्षीय आशू की पत्नी डोली ने बताया कि उनके पति पिछले करीब एक वर्ष से कैंसर से पीड़ित हैं। रविवार को वह असहनीय दर्द से परेशान थे। कुछ देर के लिए कमरे से बाहर जाने के बाद जब वह लौटीं तो उन्होंने आशू को फंदे पर लटका देखा। यह देखकर उन्होंने शोर मचाया, जिस पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल उन्हें नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया।
फर्रुखाबाद में बीमारी और आर्थिक तंगी के बीच आत्महत्या का प्रयास, गंभीर हालत में उच्च केंद्र रेफर
परिजनों के अनुसार, पहले आशू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र भेजने का निर्णय लिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मरीज की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
डोली ने बताया कि एक वर्ष पहले वह अपने पति को कानपुर के कैंसर अस्पताल लेकर गई थीं। बाद में एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन की सलाह दी गई, जिसके लिए लगभग दो लाख रुपये का खर्च बताया गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार ऑपरेशन नहीं करा सका। फिलहाल आशू का निजी स्तर पर इलाज चल रहा है। गले में बीमारी की वजह से उन्हें भोजन निगलने में कठिनाई होती है और वह केवल तरल पदार्थों का ही सेवन कर पाते हैं।
परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर बताई जा रही है। आशू और डोली के तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी भी परिवार पर है। लंबे समय से बीमारी, इलाज का खर्च और आर्थिक संकट ने पूरे परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रभावित किया है।






