डिजिटल दौर में बढ़ा AI तस्वीरों का खतरा? कहीं आप भी AI की नकली तस्वीरों के शिकार तो नहीं ऐसे करें तुरंत पहचान

संवाद 24 डेस्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने तस्वीरें बनाने की तकनीक को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। आज ऐसे कई AI टूल उपलब्ध हैं, जो कुछ सेकंड में बेहद वास्तविक दिखने वाली तस्वीरें तैयार कर सकते हैं। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली कई तस्वीरों की सत्यता पर सवाल उठने लगे हैं। चुनाव, युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं और सेलिब्रिटी से जुड़े मामलों में AI से बनी तस्वीरों का इस्तेमाल भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए भी किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब केवल तस्वीर देखकर यह तय करना पहले जितना आसान नहीं रह गया कि वह वास्तविक है या AI द्वारा बनाई गई।

क्यों मुश्किल होती जा रही है पहचान?
नई पीढ़ी के AI मॉडल चेहरे के भाव, त्वचा की बनावट, रोशनी, छाया और कैमरा इफेक्ट तक को बेहद सटीक तरीके से तैयार कर रहे हैं। पहले जहां अतिरिक्त उंगलियां, टेढ़े-मेढ़े हाथ या असामान्य चेहरों जैसी गलतियां आसानी से दिखाई देती थीं, वहीं अब अधिकांश AI टूल इन कमियों को काफी हद तक दूर कर चुके हैं। इसलिए केवल आंखों के भरोसे किसी तस्वीर को असली या नकली बताना जोखिम भरा हो सकता है।

इन संकेतों पर रखें नजर
यदि किसी तस्वीर में हाथों की उंगलियां असामान्य दिखें, आंखों में प्राकृतिक चमक न हो, बालों की बनावट अजीब लगे, कपड़ों या गहनों के किनारे धुंधले हों या पृष्ठभूमि में मौजूद लोगों और वस्तुओं का आकार असंगत दिखाई दे, तो सतर्क हो जाना चाहिए। इसी तरह किसी बोर्ड, पोस्टर या साइनबोर्ड पर लिखे शब्द गलत, टूटे हुए या अस्पष्ट दिखाई दें तो यह भी AI जनित तस्वीर का संकेत हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि ये संकेत हमेशा निर्णायक नहीं होते।

रिवर्स इमेज सर्च से करें सच्चाई की जांच
यदि कोई तस्वीर संदिग्ध लगे तो उसे Google Images या Google Lens जैसे रिवर्स इमेज सर्च टूल की मदद से जांचा जा सकता है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि वह तस्वीर पहली बार कब और कहां प्रकाशित हुई थी। कई बार वायरल तस्वीरें पुराने घटनाक्रम की होती हैं, जिन्हें नए दावे के साथ साझा किया जाता है। यदि तस्वीर का पुराना स्रोत मिल जाता है तो उसकी वास्तविकता समझने में आसानी होती है।

मेटाडेटा और Content Credentials भी हैं उपयोगी
विशेषज्ञों के अनुसार किसी तस्वीर के मेटाडेटा (EXIF) और Content Credentials की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है। C2PA (Coalition for Content Provenance and Authenticity) मानक के तहत कुछ कैमरे और AI प्लेटफॉर्म तस्वीरों में डिजिटल प्रमाण जोड़ते हैं, जिससे उसके स्रोत और संपादन संबंधी जानकारी मिल सकती है। हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड होने के दौरान कई बार यह जानकारी हट जाती है, इसलिए केवल इसी आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जाता।

AI डिटेक्टर भी हैं, लेकिन पूरी तरह भरोसेमंद नहीं
इंटरनेट पर कई AI Image Detector उपलब्ध हैं, जो तस्वीर का विश्लेषण करके यह अनुमान लगाते हैं कि वह AI से बनी हो सकती है या नहीं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये टूल केवल संभावित परिणाम देते हैं, अंतिम सत्य नहीं। एडिट की गई वास्तविक तस्वीरें भी कई बार AI बताई जा सकती हैं, जबकि कुछ उन्नत AI तस्वीरें इन डिटेक्टरों को भी धोखा दे देती हैं। इसलिए किसी एक टूल पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय कई तरीकों से जांच करना बेहतर माना जाता है।

सोशल मीडिया पर बरतें अतिरिक्त सावधानी
यदि कोई सनसनीखेज तस्वीर अचानक वायरल हो जाए, तो उसे तुरंत सही मानने के बजाय उसके स्रोत की पुष्टि करना जरूरी है। यह देखना चाहिए कि क्या किसी विश्वसनीय समाचार संस्थान ने भी वही तस्वीर प्रकाशित की है। बिना पुष्टि के ऐसी तस्वीरों को आगे साझा करना गलत सूचना फैलाने का कारण बन सकता है।

भविष्य में और कठिन होगी पहचान
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI से तैयार तस्वीरें और अधिक वास्तविक होती जाएंगी। इसी वजह से C2PA जैसे वैश्विक मानकों, डिजिटल वॉटरमार्किंग और प्रमाणित कंटेंट प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि इन तकनीकों का व्यापक स्तर पर उपयोग अभी शुरुआती चरण में है और सभी प्लेटफॉर्म इन्हें पूरी तरह लागू नहीं कर पाए हैं।

AI तकनीक ने रचनात्मकता और उत्पादकता के नए अवसर दिए हैं, लेकिन इसके साथ फर्जी तस्वीरों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। किसी भी वायरल फोटो पर आंख बंद करके विश्वास करने के बजाय उसके स्रोत, संदर्भ, रिवर्स इमेज सर्च, मेटाडेटा और उपलब्ध सत्यापन संकेतों की जांच करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है। विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि फिलहाल ऐसा कोई एक तरीका मौजूद नहीं है, जो हर AI तस्वीर की सौ प्रतिशत सटीक पहचान कर सके। इसलिए डिजिटल साक्षरता और सतर्कता ही फर्जी तस्वीरों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

Geeta Singh
Geeta Singh

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