
फर्रुखाबाद। जिले के सिरौली स्थित वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव श्रीमती बिन्दिया भटनागर ने मंगलवार, 30 जून को वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आश्रम की आवासीय, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं में कई कमियां मिलीं, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हाल के महीनों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सामाजिक संस्थानों और जनहित से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी करता रहा है।
रिकॉर्ड में 70, मौके पर मिले केवल 55 वृद्धजन
निरीक्षण के दौरान सबसे पहले पंजीकरण अभिलेखों की जांच की गई। रिकॉर्ड के अनुसार वृद्धाश्रम में 70 वृद्धजन पंजीकृत हैं, जबकि निरीक्षण के समय केवल 55 वृद्धजन ही मौजूद पाए गए। इस अंतर को लेकर सचिव ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा और सभी अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
सीलन भरे कमरे और टूटी खिड़कियों ने खोली व्यवस्थाओं की पोल
निरीक्षण में पाया गया कि कई कमरों में सीलन थी तथा खिड़कियों के पल्ले अधूरे या क्षतिग्रस्त थे। कमरों में बिस्तर अत्यधिक पास-पास लगाए गए थे, जिससे वृद्धजनों को पर्याप्त जगह नहीं मिल रही थी। इसके अलावा बिछाई गई चादरों की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। सचिव ने आश्रम प्रशासन को आवासीय सुविधाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
किराए के भवन में संचालित आश्रम, पहुंचने में भी होती है परेशानी
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि वृद्धाश्रम अभी किराए के भवन में संचालित हो रहा है। यह भवन जिला मुख्यालय और मोहम्मदाबाद कस्बे से काफी दूर होने के कारण वृद्धजनों तथा उनके परिजनों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस व्यवस्था पर भी सचिव ने चिंता व्यक्त की।
स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, आंखों और हड्डियों की जांच के निर्देश
वृद्धाश्रम में रह रहे कई बुजुर्गों ने आंखों से कम दिखाई देने, अस्वस्थता और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी दी। इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव श्रीमती बिन्दिया भटनागर ने नेत्र रोग एवं हड्डी रोग विशेषज्ञों का विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने, सभी वृद्धजनों की चिकित्सकीय जांच कराने तथा जरूरतमंदों को चश्मे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट
निरीक्षण के बाद सचिव ने आश्रम अधीक्षक को वृद्धजनों की बेहतर देखभाल, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग को भेजकर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कराने की बात कही, ताकि वृद्धजनों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।






