
संवाद 24 डेस्क। भारतीय व्यंजनों की विविधता पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में भोजन की अपनी विशिष्ट पहचान और पारंपरिक स्वाद मौजूद है। दक्षिण भारत के व्यंजनों में अनेक प्रकार की करी और सांभर लोकप्रिय हैं, जिनमें “मोर कूझंबू” (Mor Kuzhambu) विशेष स्थान रखता है। यह तमिलनाडु और केरल का एक पारंपरिक व्यंजन है, जिसे दही, नारियल और विभिन्न मसालों की सहायता से तैयार किया जाता है।
“मोर” का अर्थ है छाछ या दही, जबकि “कूझंबू” का अर्थ करी या ग्रेवी होता है। इस प्रकार मोर कूझंबू एक हल्की, स्वादिष्ट और पौष्टिक दही आधारित करी है, जिसे प्रायः उबले हुए चावल के साथ परोसा जाता है। इसकी खट्टी-मसालेदार खुशबू और नारियल का अनूठा स्वाद इसे दक्षिण भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं।
यह व्यंजन न केवल स्वाद में उत्कृष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है। गर्मियों के मौसम में यह शरीर को ठंडक प्रदान करता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में सहायता करता है।
मोर कूझंबू का इतिहास और महत्व
मोर कूझंबू तमिल ब्राह्मण समुदाय के पारंपरिक व्यंजनों में से एक माना जाता है। सदियों से यह दक्षिण भारतीय परिवारों के दैनिक भोजन और त्योहारों का हिस्सा रहा है। तमिलनाडु के अनेक घरों में सप्ताह में कम से कम एक बार मोर कूझंबू अवश्य बनाया जाता है।
इस व्यंजन की विशेषता इसकी सरलता और पौष्टिकता है। कम मसालों और प्राकृतिक सामग्री से बनने के कारण इसे सुपाच्य भोजन माना जाता है।
मोर कूझंबू के लिए आवश्यक सामग्री
मुख्य सामग्री
सामग्री-मात्रा
खट्टा दही-2 कप
पानी-1 कप
नारियल (कद्दूकस किया हुआ)-½ कप
चना दाल-1 बड़ा चम्मच
जीरा-1 छोटा चम्मच
हरी मिर्च-2–3
हल्दी पाउडर-½ छोटा चम्मच
नमक-स्वादानुसार
भिंडी या सफेद कद्दू (वैकल्पिक)-200 ग्राम
तड़के के लिए आवश्यक सामग्री
- 1 बड़ा चम्मच नारियल तेल या सामान्य तेल
- 1 छोटा चम्मच राई
- ½ छोटा चम्मच मेथी दाना
- 1 सूखी लाल मिर्च
- 8–10 करी पत्ते
- एक चुटकी हींग
मोर कूझंबू बनाने की तैयारी
- दाल को भिगोना
चना दाल को लगभग 20–30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें। इससे दाल नरम हो जाती है और पीसने में आसानी होती है। - दही तैयार करना
दही को अच्छी तरह फेंट लें और उसमें थोड़ा पानी मिलाकर पतला कर लें। ध्यान रखें कि दही अधिक खट्टा हो तो स्वाद और भी अच्छा आता है। - सब्जियों की तैयारी
यदि आप भिंडी, सफेद कद्दू, ऐश गार्ड या लौकी का उपयोग कर रहे हैं, तो उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और हल्का उबाल लें।
मसाला पेस्ट तैयार करने की विधि
मोर कूझंबू का वास्तविक स्वाद इसके विशेष मसाला पेस्ट में छिपा होता है।
मिक्सर जार में निम्न सामग्री डालें—
- भीगी हुई चना दाल
- कद्दूकस किया हुआ नारियल
- जीरा
- हरी मिर्च
इन सभी को थोड़ा पानी डालकर बारीक पीस लें। तैयार पेस्ट चिकना और मुलायम होना चाहिए।
मोर कूझंबू बनाने की चरणबद्ध विधि
चरण 1 : सब्जी पकाना
यदि भिंडी का उपयोग कर रहे हैं तो उसे हल्के तेल में थोड़ा भून लें। इससे उसका चिपचिपापन समाप्त हो जाता है।
यदि सफेद कद्दू या अन्य सब्जियां प्रयोग कर रहे हैं, तो उन्हें पानी में उबालकर नरम कर लें।
चरण 2 : मसाला मिश्रण मिलाना
उबली हुई सब्जियों में तैयार किया गया नारियल और दाल का पेस्ट डालें। साथ ही हल्दी पाउडर और नमक भी मिला दें।
मध्यम आंच पर 5–7 मिनट तक पकाएं।
चरण 3 : दही मिलाना
अब फेंटा हुआ दही मिश्रण में डालें।
ध्यान रखें कि दही डालने के बाद करी को तेज आंच पर न उबालें। केवल हल्का गर्म करें। अधिक उबालने से दही फट सकता है और स्वाद प्रभावित हो सकता है।
चरण 4 : तड़का तैयार करना
एक छोटे पैन में तेल गर्म करें।
अब क्रमशः डालें—
- राई
- मेथी दाना
- सूखी लाल मिर्च
- करी पत्ते
- हींग
जब मसालों से सुगंध आने लगे, तब यह तड़का तैयार मोर कूझंबू पर डाल दें।
तैयार मोर कूझंबू का स्वाद
तड़का डालते ही पूरे घर में एक अद्भुत सुगंध फैल जाती है। दही की हल्की खटास, नारियल की मिठास और मसालों का संतुलन इस व्यंजन को अत्यंत स्वादिष्ट बना देता है।
परोसने का तरीका
मोर कूझंबू को निम्न खाद्य पदार्थों के साथ परोसा जा सकता है—
- गर्म सादा चावल
- घी के साथ उबला हुआ चावल
- आलू की सूखी सब्जी
- पापड़
- अचार
- बीन्स पोरियल
- नारियल की चटनी
- अप्पलम
मोर कूझंबू के विभिन्न प्रकार
- भिंडी मोर कूझंबू
सबसे लोकप्रिय प्रकार है, जिसमें भिंडी का प्रयोग किया जाता है। - ऐश गार्ड मोर कूझंबू
सफेद पेठा या ऐश गार्ड के साथ बनाया जाने वाला यह संस्करण तमिलनाडु में अत्यधिक प्रसिद्ध है। - लौकी मोर कूझंबू
लौकी के साथ तैयार किया गया यह व्यंजन हल्का और पौष्टिक होता है। - कच्चे केले का मोर कूझंबू
केरल क्षेत्र में यह प्रकार विशेष रूप से पसंद किया जाता है।
पोषण संबंधी लाभ
- प्रोटीन का अच्छा स्रोत
दही और चना दाल में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर की मांसपेशियों के विकास में सहायक है। - पाचन के लिए लाभकारी
दही में उपस्थित प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं। - कैल्शियम की प्रचुर मात्रा
दही हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में सहायता करता है। - शरीर को ठंडक प्रदान करता है
गर्मियों में यह व्यंजन शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है। - कम तेल वाला भोजन
इसमें तेल का उपयोग बहुत कम मात्रा में किया जाता है, इसलिए यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए उपयुक्त विकल्प है।
मोर कूझंबू बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- दही हल्का खट्टा होना चाहिए।
- दही डालने के बाद मिश्रण को तेज आंच पर नहीं उबालना चाहिए।
- मेथी दाना अधिक मात्रा में न डालें, अन्यथा स्वाद कड़वा हो सकता है।
- नारियल ताजा होना चाहिए।
- तड़के में करी पत्ते अवश्य डालें, क्योंकि यही इसकी विशिष्ट सुगंध का मुख्य स्रोत है।
- भिंडी का उपयोग करने पर उसे पहले हल्का भून लेना चाहिए।
दक्षिण भारतीय भोजन में मोर कूझंबू का स्थान
तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कई घरों में मोर कूझंबू दैनिक भोजन का हिस्सा है। त्योहारों, विशेष अवसरों तथा पारंपरिक भोज में भी इसे बनाया जाता है। इसकी सादगी और पौष्टिकता के कारण यह बुजुर्गों और बच्चों दोनों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
मोर कूझंबू दक्षिण भारतीय खान-पान की समृद्ध परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। दही, नारियल और सुगंधित मसालों से तैयार यह व्यंजन स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। इसकी सरल विधि, पौष्टिक गुण और मनमोहक स्वाद इसे हर रसोई के लिए एक विशेष व्यंजन बनाते हैं।
यदि आप पारंपरिक दक्षिण भारतीय भोजन का वास्तविक स्वाद अनुभव करना चाहते हैं, तो मोर कूझंबू अवश्य बनाएं। गर्म चावल और पापड़ के साथ परोसा गया यह व्यंजन आपके भोजन को यादगार बना देगा।






