
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 14 जून 2026, रविवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (अधिक ज्येष्ठ – रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – अधिक ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्दशी दोपहर 11:43 तक, तत्पश्चात् अमावस्या
वार – रविवार (नोट: आपके द्वारा दी गई तिथियों और ग्रहों की गणना के अनुसार यह वर्ष 2026 का पंचांग है)
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – रोहिणी रात्रि 10:05 तक, तत्पश्चात् मृगशिरा
योग – धृति दोपहर 01:41 तक, तत्पश्चात् शूल
करण – शकुनि दोपहर 11:43 तक, तत्पश्चात् चतुष्पाद (चर) सायं 10:29 तक
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – वृषभ राशि में (पूरा दिन अपनी उच्च राशि में)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:36
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:59 से 12:47 तक
राहुकाल – सायं 04:30 से 06:00 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में (रविवार होने के कारण)
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- श्राद्ध आदि की अमावस्या: आज अधिक ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्षीय अमावस्या है। दोपहर 11:43 के बाद पितृ तर्पण, दान-पुण्य और पितृ दोष शांति के निमित्त किए जाने वाले श्राद्ध आदि कार्यों के लिए अमावस्या का पुण्यकाल क्रियाशील हो जाएगा।
- रिक्ता दोष मुहूर्त अभाव: आज दोपहर तक चतुर्दशी तिथि (रिक्ता संज्ञक) होने के कारण सामान्य शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त का अभाव रहेगा। अतः कोई भी नया व्यापारिक कार्य या मांगलिक चर्चा दोपहर 11:43 के बाद अमावस्या काल में या पितृ कर्म के संदर्भ में ही करना उचित होगा।
- रोहिणी नक्षत्र योग: आज रात्रि तक चन्द्रमा का अपने ही प्रिय नक्षत्र ‘रोहिणी’ में संचरण होगा, जो मानसिक प्रसन्नता और सौन्दर्य में वृद्धि कराएगा।
विशेष जानकारी
आज रविवार को चन्द्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में और रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे। यह स्थिति मन को अत्यधिक सुदृढ़ और एकाग्र बनाती है। अधिक मास की अमावस्या होने के कारण आज के दिन फर्रुखाबाद के स्थानीय गंगा घाटों पर स्नान करना और पितरों के निमित्त काले तिल व जल का दान करना कोटि गुना फल प्रदान करेगा।

आज का राशिफल: 14 जून 2026, रविवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
द्वितीय भाव का उच्च का चन्द्रमा आज आपकी वाणी में अद्भुत प्रभाव पैदा करेगा। रविवार के दिन पैतृक संपत्ति के अटके हुए मामलों में दोपहर के बाद सफलता मिलेगी। रत्न और आभूषणों के क्रय-विक्रय से संचित धन में वृद्धि होगी।
उपाय – सूर्य नारायण को अर्घ्य दें और गायत्री मंत्र का जप करें।
वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में उच्च के होकर गोचर कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य उत्तम रहेगा और मानसिक भ्रम दूर होंगे। रोहिणी नक्षत्र के प्रभाव से रत्न व्यवसायियों को आज कोई अच्छी डील या पुराना फंसा हुआ व्यावसायिक अवसर प्राप्त हो सकता है।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
द्वादश भाव में चन्द्रमा होने से दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता और थोड़ी मानसिक भागदौड़ रह सकती है। रिक्ता तिथि के कारण दोपहर तक बड़े निवेश से बचें। सायं काल के बाद सुदूर व्यापार से जुड़े जातकों को लाभ होगा।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
एकादश भाव (लाभ भाव) का उच्च का चन्द्रमा आज आपके लिए धन लाभ के कई मार्ग खोलेगा। मित्रों और सहयोगियों के साथ चल रहा मनमुटाव समाप्त होगा। दीर्घकालिक निवेशों और आभूषणों के व्यापार में आज मनमुताबिक प्रगति होगी।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और काले तिल अर्पित करें।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दशम भाव (कर्म भाव) का चन्द्रमा करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि कराएगा। रविवार की छुट्टी के बावजूद आज आप व्यावसायिक योजनाओं को लेकर काफी व्यस्त रहेंगे। पिता और उच्च अधिकारियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और तांबे के पात्र से जल दान करें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
भाग्य भाव का चन्द्रमा आज आपके सभी रुके हुए कार्यों को गति देगा। दोपहर के बाद अमावस्या तिथि में पितृ पूजन करने से भाग्य की बाधाएं स्वतः दूर होंगी। ज्योतिषीय परामर्श और रत्न व्यवसायियों के लिए समय अत्यधिक अनुकूल है।
उपाय – गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और किसी जरूरतमंद को फल दान करें।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
अष्टम भाव का चन्द्रमा होने से दोपहर तक महत्वपूर्ण निर्णयों को टालना ही बेहतर होगा। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें। सायं काल के बाद धृति योग के प्रभाव से स्थितियां नियंत्रण में आएंगी और मानसिक शांति मिलेगी।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें और लक्ष्मी नारायण मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
सप्तम भाव का उच्च का चन्द्रमा दाम्पत्य जीवन और व्यापारिक साझेदारी में उत्तम मधुरता लेकर आया है। रोहिणी नक्षत्र के प्रभाव से नए व्यावसायिक अनुबंधों पर विचार करने के लिए दोपहर के बाद का समय अत्यंत श्रेष्ठ है।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को तुलसी दल चढ़ाएं।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा,भे)
छठे भाव का चन्द्रमा शत्रुओं और प्रतिस्पर्धियों पर आपकी स्थिति को मजबूत रखेगा। यदि कोर्ट-कचहरी या ऋण से जुड़ा कोई मामला अटका हुआ है, तो दोपहर के बाद उसमें प्रगति देखने को मिलेगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और नारायण कवच का पाठ करें।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
पंचम भाव का उच्च का चन्द्रमा विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए उत्कृष्ट परिणाम देने वाला रहेगा। संतान पक्ष से जुड़ा कोई चिंताजनक मामला आज सुलझ जाएगा। रत्न व्यवसायियों को आज आकस्मिक लाभ होने की प्रबल संभावना है।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल के वृक्ष के नीचे दीप दान करें।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
चतुर्थ भाव का चन्द्रमा भूमि, भवन और सुख-साधनों के कार्यों में सफलता दिलाएगा। माता का पूर्ण सानिध्य और आशीर्वाद आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। घर का वातावरण आनंदमय रहेगा, परंतु दोपहर तक वाणी पर संयम रखें।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और पक्षियों को सात प्रकार का अनाज डालें।
मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में अद्भुत वृद्धि होगी। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग आपके व्यावसायिक प्रयासों को सफल बनाएगा। लघु दूरी की यात्राएं आज आपके व्यापार के लिए नए संपर्कों के द्वार खोलेंगी। मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – गुरुदेव का आशीर्वाद लें और भगवान विष्णु को पीले पुष्प व तुलसी दल अर्पित करें।
शुभम भवतु।

