
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ
अंग्रेजी दिनांक – 31 मई 2026, रविवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ
पक्ष – शुक्ल
तिथि – पूर्णिमा दोपहर 12:57 तक, तत्पश्चात् ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ
वार – रविवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – अनुराधा दोपहर 03:23 तक, तत्पश्चात् ज्येष्ठ
योग – सिद्ध (पूरे दिन)
करण – बव दोपहर 12:57 तक, तत्पश्चात् बालव रात्रि 01:57 तक
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – वृश्चिक राशि में (पूरा दिन)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:29
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:58 से 12:45 तक
राहुकाल – सायं 04:30 से 06:00 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में (रविवार होने के कारण)
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- ज्येष्ठ पूर्णिमा (स्नान-दान-पुण्य की पूर्णिमा): आज उदयातिथि में पूर्णिमा होने से पवित्र नदियों में स्नान, पितृ तर्पण और दान-पुण्य की पूर्णिमा आज ही मनाई जाएगी। आज के दिन घट (मटका), सत्तू, छाता और जलीय वस्तुओं का दान अक्षय पुण्य देता है।
- सिद्ध योग: आज पूरे दिन “सिद्ध योग” रहेगा। रविवार और सिद्ध योग का यह दिव्य संयोग राजकीय कार्यों, संपत्ति के क्रय-विक्रय और मंत्र दीक्षा के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
विशेष जानकारी
आज चन्द्रमा पूरा दिन मंगल की राशि वृश्चिक में गोचर करेंगे। दोपहर 03:23 तक शनि देव का नक्षत्र अनुराधा रहेगा, जो कार्यों में स्थायित्व प्रदान करेगा, इसके पश्चात् तीक्ष्ण संज्ञक “ज्येष्ठा” नक्षत्र प्रारंभ होगा। रविवार को पूर्णिमा तिथि का दोपहर तक रहना और सिद्ध योग का होना सूर्य उपासना से आरोग्यता और आत्मविश्वास प्राप्ति के लिए विशेष फलदायी है। आज प्रातः काल तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देना और ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करना राजकीय बाधाओं को दूर करने में सहायक होगा।

आज का राशिफल: 31 मई 2026, रविवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
अष्टम भाव का चन्द्रमा आज आपको गुप्त और गूढ़ विषयों की ओर आकर्षित करेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और खान-पान पर नियंत्रण रखें। दोपहर तक अनुराधा नक्षत्र के प्रभाव से पैतृक संपत्ति के मामलों में कुछ राहत मिल सकती है। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें।
उपाय – सूर्य देव को अर्घ्य दें और संकटमोचन स्तोत्र का पाठ करें।
वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
सप्तम भाव का चन्द्रमा जीवनसाथी और व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंधों को मजबूत करेगा। सिद्ध योग के प्रभाव से आज कोई नई व्यापारिक योजना फलीभूत हो सकती है। कला और रत्नों के व्यवसाय से जुड़े जातकों को दोपहर से पहले कोई बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है।
उपाय – मां लक्ष्मी की कपूर से आरती करें और सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
छठे भाव का चन्द्रमा शत्रुओं और विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित करेगा। कोर्ट-कचहरी या विभागीय विवादों में आज पक्ष मजबूत रहेगा। पुराने ऋण को चुकाने के प्रयास सफल होंगे। कार्यस्थल पर अत्यधिक काम के कारण शाम को थकान महसूस हो सकती है।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
विद्यार्थियों के लिए आज का दिन अपनी प्रतिभा को निखारने का है, दोपहर तक अनुराधा नक्षत्र एकाग्रता बढ़ाएगा। संतान पक्ष से मन हर्षित रहेगा। पूर्णिमा तिथि के पुण्यकाल में अध्यात्म और धार्मिक साहित्य के अध्ययन में रुचि बढ़ेगी। आकस्मिक लाभ के योग हैं।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और गंगाजल अर्पित करें।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
चतुर्थ भाव का चन्द्रमा भूमि, भवन या वाहन के क्रय-विक्रय की चर्चाओं में सफलता देगा। माता का पूर्ण सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होगा। रविवार और सिद्ध योग के प्रभाव से सरकारी क्षेत्र या उच्च अधिकारियों से आपके संबंध और मधुर होंगे।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और गायत्री मंत्र का जप करें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपके पराक्रम, साहस और पुरुषार्थ की समाज में सराहना होगी। छोटे भाई-बहनों के साथ चल रहा वैचारिक मतभेद दूर होगा। लघु दूरी की यात्राएं व्यापारिक दृष्टिकोण से अत्यंत लाभदायक सिद्ध होंगी। संचार माध्यमों से कोई शुभ सूचना प्राप्त होगी।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें और जरूरतमंदों को फल दान करें।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन बैंक-बैलेंस बढ़ाने वाला रहेगा। वाणी की कुशलता से आप कठिन से कठिन व्यावसायिक सौदे भी आसानी से तय कर लेंगे। परिवार में पूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक माहौल रहेगा। आभूषणों की खरीददारी संभव है।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। सिद्ध योग के प्रभाव से आपकी निर्णय क्षमता अद्भुत रहेगी। दोपहर 03:23 के बाद ज्येष्ठा नक्षत्र लगने से स्वभाव में थोड़ा रूखापन आ सकता है, अतः अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और शिवलिंग पर शहद चढ़ाएं।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता से बजट थोड़ा प्रभावित हो सकता है। पूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों या दान-पुण्य के कार्यों पर धन व्यय होगा। सुदूर स्थानों या विदेश से जुड़े व्यापार में प्रगति होगी। रात्रि के समय मानसिक शांति का अनुभव होगा।
उपाय – गुरुदेव का आशीर्वाद लें और चने की दाल का दान करें।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आय के स्रोतों में अप्रत्याशित और बड़ी वृद्धि होने के प्रबल योग बने हुए हैं। पुराने किए गए निवेश या रत्नों के व्यापार से आज बड़ा आर्थिक मुनाफा मिल सकता है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा। महत्वाकांक्षाएं पूर्ण होंगी।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल के वृक्ष के नीचे दीप दान करें।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
कार्यक्षेत्र और करियर के लिए आज का दिन स्वर्णिम है। दशम भाव का चन्द्रमा आपकी आजीविका में उन्नति के नए मार्ग खोलेगा। सरकारी या राजकीय कार्यों में चल रही बाधाएं सिद्ध योग में दूर होंगी। पिता का मार्गदर्शन व्यापार में तरक्की दिलाएगा।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और पक्षियों को सात प्रकार का अनाज डालें।
मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भाग्य आज आपका पूर्ण साथ दे रहा है। पूर्णिमा के पावन अवसर पर किसी तीर्थ यात्रा या देव दर्शन का संजोग बनेगा। समाज के वरिष्ठ और विद्वान लोगों से संपर्क स्थापित होगा, जिससे आपकी सामाजिक साख मजबूत होगी। उच्च शिक्षा के प्रयास सफल होंगे।
उपाय – नारायण कवच का पाठ करें और भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
शुभम भवतु।

