
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक 25 मई 2026, सोमवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ
पक्ष – शुक्ल
तिथि – नवमी दिन 08:02 तक, तत्पश्चात् दशमी
वार – सोमवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी प्रातः 06:35 तक, तत्पश्चात् उत्तराफाल्गुनी
योग – हर्षण प्रातः 07:15 तक, तत्पश्चात् वज्र
करण – कौलव दिन 08:02 तक, तत्पश्चात् तैतिल
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – सिंह राशि में दोपहर 01:10 तक, तत्पश्चात् कन्या राशि में प्रवेश।
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:28
सूर्यास्त – 07:24
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:58 से 12:45 तक
राहुकाल – प्रातः 07:30 से 09:00 तक
दिशाशूल – पूर्व दिशा में (सोमवार होने के कारण)
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रवेश: प्रातः 06:35 पर कलात्मक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र समाप्त होगा और सूर्य देव का तेजस्वी नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी प्रारंभ होगा।
- सोमवार और दशमी का योग: आज सुबह 08:02 के बाद ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि का प्रारंभ होगा। सोमवार को दशमी तिथि का होना शिव आराधना और जलीय तत्वों के दान के लिए अत्यंत शुभ फलदायी है।
विशेष जानकारी
आज दोपहर 01:10 पर चन्द्रमा सिंह राशि से निकलकर बुध की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। दोपहर के बाद चन्द्रमा और बुध का यह गोचर बौद्धिक कार्यों, ज्योतिषीय गणनाओं, व्यापारिक संधियों और वित्तीय लेखा-जोखा (Accountancy) के लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगा। सुबह 07:15 के बाद “वज्र” योग होने के कारण किसी भी विवादित मामले या शत्रु पक्ष से निपटने के लिए कूटनीतिक रास्ते अपनाना हितकर रहेगा। भगवान शिव का जलाभिषेक आज मानसिक शांति प्रदान करेगा।

आज का राशिफल: 25 मई 2026, सोमवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दोपहर तक का समय संतान संबंधी चिंताओं को दूर करेगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा के छठे भाव में जाने से शत्रुओं पर आपका प्रभाव बढ़ेगा। ननिहाल पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता मिलेगी।
उपाय – शिवलिंग पर मिश्री मिश्रित जल अर्पित करें।
वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दोपहर तक भूमि-भवन के कार्यों में व्यस्तता रहेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा का पंचम भाव में गोचर विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा। एकाग्रता बढ़ेगी और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं।
उपाय – मां लक्ष्मी को सफेद चंदन अर्पित करें।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
सुबह के समय आपका पराक्रम बढ़ा रहेगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा के चतुर्थ भाव में जाने से घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। माता का पूर्ण स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होगा। वाहन या संपत्ति खरीदने की रूपरेखा आज बन सकती है।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आर्थिक रूप से सुबह का समय उत्तम है। दोपहर के बाद चन्द्रमा के तृतीय भाव में गोचर करने से आपके साहस और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। लघु यात्राएं आपके व्यापार के लिए बेहद लाभदायक सिद्ध होंगी।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दोपहर 01:10 तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहेंगे जिससे मानसिक तेज बना रहेगा। उसके बाद चन्द्रमा के द्वितीय भाव में जाने से संचित धन (बैंक-बैलेंस) में वृद्धि होगी। वाणी की मधुरता से अटके हुए कार्य स्वतः पूरे होने लगेंगे।
उपाय – सूर्य देव को अर्घ्य दें और गायत्री मंत्र का जप करें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
सुबह के समय खर्चों की अधिकता रह सकती है। दोपहर के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक भ्रम दूर होगा और निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता आएगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
उपाय – ॐ नमः शिवाय का जाप करें और मंदिर में फल दान करें।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दोपहर तक आय के स्रोतों से अच्छा लाभ होगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा के द्वादश भाव में जाने से विलासिता और मांगलिक कार्यों पर खर्च बढ़ सकता है। सुदूर स्थानों या विदेश से जुड़े व्यापार में निवेश के लिए समय अनुकूल रहेगा।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
कार्यक्षेत्र के लिए आज का दिन अत्यंत शुभ है। दोपहर के बाद चन्द्रमा के एकादश भाव में जाने से आय के नए मार्ग खुलेंगे। पुराने किए गए निवेश आज बड़ा मुनाफा दे सकते हैं। मित्रों और वरिष्ठ अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और गुड़ का दान करें।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
सुबह के समय भाग्य का साथ मिलेगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा के दशम भाव में गोचर करने से करियर में सकारात्मक बदलाव आएंगे। नई नौकरी या पदोन्नति की बात आगे बढ़ सकती है। पिता के मार्गदर्शन से व्यापार में बड़ा लाभ होगा।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दोपहर तक जोखिम भरे कार्यों से दूर रहें और वाहन सावधानी से चलाएं। दोपहर के बाद भाग्य ९० प्रतिशत आपके साथ रहेगा। धार्मिक यात्रा या तीर्थाटन के योग बनेंगे। समाज के प्रतिष्ठित और विद्वान लोगों से संपर्क स्थापित होगा।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल में जल दें।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दाम्पत्य जीवन में सुबह का समय मधुर रहेगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा के अष्टम भाव में जाने से स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी रखनी होगी। अचानक आए खर्चों से बजट प्रभावित हो सकता है। ज्योतिषीय और गूढ़ विषयों के अध्ययन के लिए समय अच्छा है।
उपाय – शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें।
मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
सुबह के समय विरोधियों पर आपकी जीत होगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा के सप्तम भाव में जाने से दाम्पत्य जीवन में खुशहाली आएगी। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। नए व्यापारिक अनुबंध सफल रहेंगे।
उपाय – गुरुदेव का आशीर्वाद लें और चने की दाल का दान करें।
शुभम भवतु।

