केरल में सत्ता परिवर्तन का ऐतिहासिक दिन! वी.डी. सतीशन आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन भी होगा खास
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संवाद 24 केरल। राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की शानदार जीत के बाद वी.डी. सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। राजधानी तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में होने वाला यह समारोह केवल शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे कांग्रेस के बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी रहने वाली है। करीब एक दशक बाद कांग्रेस के नेतृत्व में केरल में सरकार बनने जा रही है, इसलिए इस समारोह को पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। वी.डी. सतीशन के साथ 20 अन्य मंत्री भी शपथ लेंगे और राज्य में नई कैबिनेट का गठन होगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल सरकार गठन नहीं, बल्कि दक्षिण भारत में कांग्रेस की नई रणनीति का संकेत भी हो सकता है।
कांग्रेस के बड़े नेताओं का जमावड़ा
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इनमें सिद्धारमैया, रेवंत रेड्डी और सुखविंदर सिंह सुक्खू का नाम प्रमुख है। इसके अलावा कई वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों के प्रतिनिधि भी समारोह में पहुंचेंगे। इस वजह से तिरुवनंतपुरम में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक समारोह को भव्य बनाने की पूरी तैयारी की गई है। सेंट्रल स्टेडियम में हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है और शहर के कई प्रमुख इलाकों में एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं ताकि आम लोग भी इस ऐतिहासिक पल को देख सकें। प्रशासन ने सुबह से ही यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।
भारी जीत के बाद बदला केरल का राजनीतिक समीकरण
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 140 में से 102 सीटों पर जीत हासिल कर राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। लंबे समय तक सत्ता में रही वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणामों के बाद से ही मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चर्चा तेज थी, लेकिन आखिरकार कांग्रेस नेतृत्व ने वी.डी. सतीशन पर भरोसा जताया। सतीशन को संगठन और विपक्ष दोनों स्तरों पर मजबूत नेता माना जाता है। उन्होंने विपक्ष के नेता रहते हुए राज्य सरकार पर कई बड़े मुद्दों पर हमला बोला था। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को जमीन पर उतारना और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगी।
नई कैबिनेट में युवाओं और महिलाओं को जगह
नई सरकार की कैबिनेट में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है। जानकारी के अनुसार 21 सदस्यीय मंत्रिमंडल में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को भी कैबिनेट में अहम हिस्सेदारी मिली है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस इस बार केवल पारंपरिक राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह युवा और सामाजिक संतुलन के जरिए राज्य में मजबूत पकड़ बनाना चाहती है। यही वजह है कि कई नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
पूरे देश की नजर केरल पर
केरल में हो रहा यह सत्ता परिवर्तन राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दक्षिण भारत में कांग्रेस की स्थिति मजबूत करने के लिए यह सरकार अहम भूमिका निभा सकती है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की सक्रिय मौजूदगी से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी इस जीत को राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक संदेश के तौर पर पेश करना चाहती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद वी.डी. सतीशन राज्य के लिए कौन-कौन से बड़े फैसले लेते हैं और उनकी सरकार जनता की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है। फिलहाल तिरुवनंतपुरम पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आ रहा है और केरल आज एक नई राजनीतिक शुरुआत का गवाह बनने जा रहा है।






