पहाड़ों पर मौसम का कहर! आंधी-ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश से हिमाचल-उत्तराखंड में भारी तबाही

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संवाद 24 डेस्क। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। पहाड़ों पर लगातार बदलते मौसम ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं किसानों और बागवानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। कई जगह घरों की छतें उड़ गईं, सड़कें बंद हो गईं और बिजली व्यवस्था घंटों तक ठप रही।

हिमाचल में तूफान ने मचाई तबाही
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार तड़के आए तेज तूफान ने सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। कई गांवों में पेड़ उखड़कर घरों और सड़कों पर गिर पड़े, जिससे यातायात बाधित हो गया। कुल्लू जिले में करीब दो दर्जन मकानों और कई गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के कारण टीन की छतें दूर तक उड़ गईं। प्रशासन को कई इलाकों में राहत और बचाव टीम भेजनी पड़ी।

पेड़ गिरने से थमा यातायात
बताया जा रहा है कि कुल्लू के जलोड़ी क्षेत्र में सड़क पर बड़े-बड़े पेड़ गिरने से हाईवे कई घंटों तक बंद रहा। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर रास्ता साफ कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। वहीं बिजली के खंभे और तार टूटने से कई गांव अंधेरे में डूब गए। मौसम खराब होने के कारण मरम्मत कार्य में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

उत्तराखंड में भी बिगड़े हालात
उत्तराखंड में भी हालात कम गंभीर नहीं रहे। देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली और आसपास के इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। स्थानीय प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी खराब मौसम की संभावना जताई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी का दौर जारी रह सकता है। हिमाचल और उत्तराखंड के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

किसानों और बागवानों की बढ़ी चिंता
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे बड़ा असर किसानों और बागवानों पर पड़ा है। हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादकों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार बदलते मौसम, ओलावृष्टि और अत्यधिक नमी के कारण फलों की फसल प्रभावित हुई है। कई क्षेत्रों में बागवानों ने उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई है।

बिजली कर्मचारी की मौत से बढ़ी चिंता
प्राकृतिक आपदा के बीच एक दुखद घटना भी सामने आई, जहां बिजली लाइन ठीक करने गए एक कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना ने मौसम की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और टूटे तारों से दूर रहने की अपील की है।

जलवायु परिवर्तन बना बड़ी वजह
लगातार बदलते मौसम ने पहाड़ी राज्यों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है, जिसका असर अब पहाड़ी इलाकों में ज्यादा दिखाई देने लगा है। अचानक आने वाली आंधी, ओलावृष्टि और भारी बारिश अब सामान्य घटनाएं बनती जा रही हैं, जिससे कृषि, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है।

राहत और बचाव कार्य जारी
फिलहाल प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है और प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। पहाड़ों पर मौसम का यह कहर आने वाले दिनों में और मुश्किलें बढ़ा सकता है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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