बवंडर बाबा की पदयात्रा कन्नौज पहुंची, सनातन संरक्षण को लेकर उठी बड़ी मांग
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वृंदावन से प्रारंभ हुई सनातन धर्म प्रचारक बवंडर बाबा की पदयात्रा सोमवार को कन्नौज जनपद के मिरगावां गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने भव्य स्वागत कर धार्मिक आस्था और सनातन परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। यात्रा के दौरान गांव में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला तथा संतों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया गया।
धार्मिक मर्यादा बचाने के लिए 10 किलोमीटर क्षेत्र में प्रतिबंध की मांग
बवंडर बाबा ने पदयात्रा के दौरान कहा कि परिक्रमा मार्ग और उसके 10 किलोमीटर के दायरे में मांस, मदिरा एवं अंडों की बिक्री पूरी तरह बंद होनी चाहिए। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विषय को लेकर कई बार मथुरा प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी सनातन की आवाज
बाबा ने स्पष्ट किया कि यदि स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं निकला तो वे आगामी 18 मई को लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा केवल एक आंदोलन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति और धार्मिक मर्यादाओं के संरक्षण का अभियान है।
देवी-देवताओं के नामों के व्यावसायिक उपयोग पर भी उठी आपत्ति
पदयात्रा के दौरान बवंडर बाबा ने धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं के नामों के व्यावसायिक उपयोग पर भी रोक लगाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं और विग्रह पूजा की गरिमा बनाए रखने के लिए समाज को सजग होने की आवश्यकता है।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह, बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
मिरगावां में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान पिंटू पाठक, प्रमोद मिश्रा, सोनू सविता, राजीव राठौर, कल्लू सविता, बंगाली कुशवाहा, सतीश गुप्ता, ऋतिक पाठक, रजत पाठक, अभय तिवारी एवं कुलदीप राजपूत सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
1 मई से शुरू हुई यात्रा, 18 मई को लखनऊ में होगा समापन
जानकारी के अनुसार यह पदयात्रा 1 मई को वृंदावन से प्रारंभ हुई थी और विभिन्न जिलों से गुजरते हुए 18 मई को लखनऊ पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने की मांग की जाएगी।






